भारत सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब सभी मंत्रालयों और विभागों में कर्मचारियों की Service Book को e-HRMS 2.0 पोर्टल पर डिजिटल रूप से बनाए रखना अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला 17 जून 2025 को जारी एक आधिकारिक ज्ञापन (Office Memorandum) के माध्यम से लिया गया है।
सर्विस बुक क्या होती है?
सरकारी कर्मचारियों की सर्विस बुक वह दस्तावेज़ होती है जिसमें उनकी सेवा अवधि के दौरान होने वाली हर प्रशासनिक गतिविधि का रिकॉर्ड होता है — जैसे कि नियुक्ति, पदोन्नति, स्थानांतरण, छुट्टियाँ, अवकाश, दंडात्मक कार्रवाइयाँ आदि। यह उनके पूरे करियर का ऐतिहासिक विवरण प्रस्तुत करती है।
अब तक यह बुक भौतिक रूप (Physical Form) में ही रखी जाती थी, जिसे संबंधित कार्यालय में संभाल कर रखा जाता था और ट्रांसफर की स्थिति में कर्मचारी के साथ स्थानांतरित किया जाता था।
अब होगी सिर्फ डिजिटल सर्विस बुक
सरकार ने निर्णय लिया है कि अब सर्विस बुक को सिर्फ e-HRMS 2.0 पोर्टल पर ही मेंटेन किया जाएगा। यह डिजिटल प्रणाली न केवल प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाएगी बल्कि रिकॉर्ड की सटीकता और वैधता भी सुनिश्चित करेगी।
सभी मंत्रालयों और विभागों को दिए गए निर्देश
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DOPT) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार:
- सभी मंत्रालयों और विभागों को e-HRMS 2.0 पर पूरी तरह से ऑनबोर्ड होकर कर्मचारियों की e-Service Book को केवल इस पोर्टल पर अपडेट करना होगा।
- फिजिकल सर्विस बुक का उपयोग पूरी तरह से बंद किया जाएगा।
- डाटा की सटीकता और संपूर्णता सुनिश्चित करने के बाद ही e-Service Book को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसे सभी वैधानिक कार्यों के लिए मान्य माना जाएगा।
निष्कर्ष
इस फैसले से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुगमता बढ़ेगी। कर्मचारियों को अपनी सेवाओं से संबंधित जानकारियाँ डिजिटल रूप से कहीं भी, कभी भी उपलब्ध होंगी। यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन के तहत एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
माझ्या लेखांचा उद्देश लोकांना अचूक, योग्य आणि विश्वासार्ह माहिती उपलब्ध करून देणे हा आहे. मी नेहमी प्रयत्न करतो की माझ्या लेखनातील भाषा साधी-सोप्या स्वरूपाची असावी, माहिती उपयोगी असावी आणि वाचकांना कोणत्याही विषयाचे आकलन करण्यात अडचण येऊ नये.
