सरकारी नौकरी में आने के बाद पहले 3 साल तक कई कर्मचारियों को पूरा मूल वेतन (Basic Pay) नहीं मिलता, बल्कि 70%, 80% या 90% हिस्सा ही मिलता है। इसे स्टैगर्ड पे (Staggered Pay) कहते हैं। अब सवाल ये था कि जब उन्हें पूरा वेतन नहीं मिल रहा, तो क्या HRA भी उसी हिस्से के हिसाब से मिलेगा या पूरे मूल वेतन के हिसाब से?
सरकार ने क्या कहा?
मध्यप्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने अब यह साफ कर दिया है कि:
- कर्मचारियों को जो वेतन उस समय दिया जा रहा है, उसी के आधार पर HRA (गृह भाड़ा भत्ता) मिलेगा।
- यानी अगर कोई कर्मचारी 70% वेतन पा रहा है, तो उसका HRA भी 70% बेसिक पे के हिसाब से ही जोड़ा जाएगा।
- यही नियम उन कर्मचारियों पर भी लागू होगा जो अभी 6वें वेतनमान पर काम कर रहे हैं। उनके केस में बैंड पे + ग्रेड पे और उसका 70%, 80% या 90% हिस्सा देखा जाएगा।
किसे होगा फायदा?
- वे सरकारी कर्मचारी जो सेवा के शुरुआती 3 वर्षों में हैं
- वे कर्मचारी जिन्हें स्टैगर्ड पे मिल रहा है
- 6th वेतनमान वाले सभी कर्मचारी
नतीजा क्या निकला?
अब किसी को भी ये सोचने की जरूरत नहीं कि HRA कैसे मिलेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि जो वेतन मिल रहा है, उसी के अनुसार गृह भाड़ा भत्ता भी दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों को सही भुगतान मिलेगा और दफ्तरों में भ्रम भी खत्म होगा।
मुख्य बातें:
- नए आदेश से HRA की गणना को लेकर फैली गलतफहमी दूर हुई
- पहले 3 साल में जिन कर्मचारियों को 70%, 80% या 90% बेसिक पे मिलता है, उन्हें अब उसी के आधार पर मिलेगा HRA
- 6वें वेतनमान वाले कर्मचारी भी इस आदेश के दायरे में आएंगे
जरूरी लिंक:
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माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
माझ्या लेखांचा उद्देश लोकांना अचूक, योग्य आणि विश्वासार्ह माहिती उपलब्ध करून देणे हा आहे. मी नेहमी प्रयत्न करतो की माझ्या लेखनातील भाषा साधी-सोप्या स्वरूपाची असावी, माहिती उपयोगी असावी आणि वाचकांना कोणत्याही विषयाचे आकलन करण्यात अडचण येऊ नये.
