देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारी, राज्य कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से आठवाँ वेतन लागू होने से पहले DA मर्ज होने का इंतजार कर रहे है।
आपको बता दूँ कि सातवे वेतन की सिफारिश के अनुसार DA मर्जर की बात कही गयी थी, ऐसे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अहम सवाल यह उठा कि क्या 8वें वेतन आयोग लागू करने से पहले सरकार महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) का 50% हिस्सा मूल वेतन/पेंशन में जोड़ने जा रही है? इस पर वित्त मंत्रालय ने अब पूरी तरह से स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में DA/DR मर्जर को लेकर पूछा गया सवाल
24 मई 2025 को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक रिपोर्टर ने पूछा कि क्या सरकार बढ़ती महँगाईको देखते हुए 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने से पहले अंतरिम राहत के तौर पर 50% DA/DR को मूल वेतन या पेंशन में मर्ज करने पर विचार कर रही है?
सरकार का जवाब
इस पर वित्त मंत्रालय से एक अधिकारी ने जवाब दिया कि:
“जी नहीं।”
इस दौरान उन्होंने यह बताया कि DA और DR केवल महंगाई के असर को बैलेंस करने के लिए दिए जाते हैं, ताकि कर्मचारियों और पेंशनरों की क्रय शक्ति बनी रहे। मूल वेतन/पेंशन में इनके विलय की कोई योजना नहीं है।
महंगाई भत्ते का उद्देश्य क्या है?
महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों को महँगाई की मार से राहत देने के लिए दी जाती है। इसकी गणना श्रम मंत्रालय के अधीन श्रम ब्यूरो AICPI-IW (All India Consumer Price Index for Industrial Workers) के आधार पर की जाती है।
यह दरें हर 6 महीने पर तय की जाती हैं और यह 1 जनवरी और 1 जुलाई से लागू होती हैं।
क्या पहले DA को मूल वेतन में मर्ज किया गया है?
हाँ, पहले ऐसा हुआ है।
6वें वेतन आयोग से पहले जब DA 50% को पार कर गया था, तब उसे मूल वेतन में शामिल किया गया था। इसी परिपाटी के आधार पर उम्मीद की जा रही थी कि 8वें वेतन आयोग से पहले भी सरकार ऐसा कर सकती है। लेकिन वित्त मंत्रालय के वर्तमान बयान से यह साफ हो गया है कि इस बार सरकार ऐसा नहीं करने जा रही है।
अब तक कितनी DA/DR की किस्तें दी जा चुकी हैं?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, 7वें वेतन आयोग के लागू होने की तारीख 01.01.2016 से लेकर अब तक केंद्र सरकार द्वारा DA/DR की कुल 16 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। वर्तमान में यह दरें 55% तक पहुंच चुकी हैं।
क्या इसका असर 8वें वेतन आयोग पर पड़ेगा?
आपको बता दूँ कि महँगाई भत्ता मर्ज करने का असर 8वें वेतन आयोग में देखने को मिलता। अगर मर्ज किए जाता तो आठवे वेतन में सैलरी और पेंशन ज्यादा बढ़ती पर मर्ज ना करने से अपेक्षाकृत कम लाभ देखने को मिलेगा।
निष्कर्ष
सरकार के इस जवाब के बाद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सरकार से DA/DR को मूल वेतन/पेंशन में मर्ज करने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल महंगाई को संतुलित करने का उपाय है, कोई स्थायी वेतन वृद्धि नहीं।
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया भले ही आगे चल रही हो, लेकिन फिलहाल अभी किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत या वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं दिख रही है। कर्मचारियों को DA की आगामी किस्तों का इंतजार करना होगा, जो आगामी AICPI आंकड़ों के आधार पर तय होंगी।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
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