भारत के लाखों सरकारी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को Notional Increment का लाभ मिलेगा! सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी 2025 को एक महत्वपूर्ण अंतिम निर्णय सुनाया है, जिससे 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक कल्पित वेतनवृद्धि (Notional Increment) का लाभ मिलेगा — परंतु केवल पेंशन की गणना के लिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार के अंतर्गत DOPT ने 20 मई 2025 को आदेश जारी किया।
क्या है “Notional Increment”?
यह एक ऐसी वृद्धि है जो सामान्यतः कर्मचारी को 1 जुलाई या 1 जनवरी को मिलनी थी, लेकिन वह उस दिन से एक दिन पहले रिटायर हो गए (जैसे 30 जून या 31 दिसंबर), इसलिए वास्तविक वेतनवृद्धि प्राप्त नहीं कर सके। अब, इस फैसले से उन्हें पेंशन की गणना में एक वेतनवृद्धि का लाभ मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश (6 सितंबर 2024)
- तीसरे पक्ष (3rd Party) कर्मचारियों के लिए:
- यदि उन्होंने कोई कोर्ट केस दायर नहीं किया, तो उन्हें 01 मई 2023 से enhanced pension (एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि सहित) मिलेगी।
- 01 मई 2023 से पहले की अवधि के लिए कोई एरियर नहीं मिलेगा।
- जिन्होंने याचिका दायर की और जीत हासिल की:
- उन्हें सुप्रीम कोर्ट के 11 अप्रैल 2023 के निर्णय के अनुसार पूरा लाभ मिलेगा।
- जिन मामलों में निर्णय अंतिम नहीं हुआ है या अपील लंबित है:
- उनपर फैसला लागू नहीं होगा जब तक मामला निपट न जाए।
- जिन्होंने हस्तक्षेप / इम्प्लीडमेंट का आवेदन दिया:
- उन्हें enhanced pension उसी महीने से मिलेगी, जिसमें उन्होंने आवेदन दिया था।
सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय (20 फरवरी 2025)
- अंतरिम आदेश की क्लॉज (a), (b) और (c) को अंतिम माना गया है।
- क्लॉज (d) में संशोधन करते हुए कहा गया है:
- अगर कोई सेवानिवृत्त कर्मचारी ने हस्तक्षेप / इम्प्लीडमेंट / रिट याचिका / मूल आवेदन दायर किया है, तो उन्हें उस आवेदन वाले महीने से पिछले तीन वर्षों तक की अवधि के लिए enhanced pension (एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि सहित) मिलेगी।
- परंतु यह नियम उन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जिन्होंने M. Siddaraj केस के बाद याचिका दायर की है। ऐसे मामलों में केवल क्लॉज (a) लागू होगा — यानी उन्हें 01.05.2023 से लाभ मिलेगा, पीछे की अवधि का भुगतान नहीं होगा।
रेलवे बोर्ड की कार्रवाई
रेलवे बोर्ड ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश को मान्यता दे दी थी और इसके लिए 03.12.2024 को आदेश जारी कर दिए थे, जिसमें उन्होंने DoPT के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 14.10.2024 और बोर्ड का पत्र क्रमांक PC-VI/2024/Misc./04 दिनांक 23.01.2025 को अपनाया है।
“Third Party” कौन हैं?
वे सेवानिवृत्त कर्मचारी जो notional increment के लिए योग्य हैं, लेकिन उन्होंने किसी अदालत में याचिका दायर नहीं की है और न ही किसी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बने हैं, उन्हें “तीसरे पक्ष” (3rd Party) माना गया है। उन्हें भी लाभ मिलेगा, लेकिन सीमित रूप से।
सीमाएं और शर्तें
- यह लाभ केवल पेंशन की गणना के लिए मान्य होगा।
- किसी अन्य सेवानिवृत्ति लाभ (जैसे ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट आदि) की गणना में इसका उपयोग नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
यह फैसला उन हजारों रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है जो 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर हुए और एक दिन की देरी से वेतनवृद्धि से वंचित रह गए। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, उन्हें पेंशन में इसका लाभ मिलेगा, लेकिन इसके लिए समयबद्ध तरीके से आवेदन करना जरूरी होगा।
👉 यदि आपने अभी तक याचिका दायर नहीं की है और M. Siddaraj केस के बाद आवेदन करने की सोच रहे हैं, तो ध्यान रखें — आपको लाभ केवल 01.05.2023 से आगे के लिए मिलेगा, पिछली अवधि का एरियर नहीं मिलेगा।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
माझ्या लेखांचा उद्देश लोकांना अचूक, योग्य आणि विश्वासार्ह माहिती उपलब्ध करून देणे हा आहे. मी नेहमी प्रयत्न करतो की माझ्या लेखनातील भाषा साधी-सोप्या स्वरूपाची असावी, माहिती उपयोगी असावी आणि वाचकांना कोणत्याही विषयाचे आकलन करण्यात अडचण येऊ नये.
