सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के अंतर्गत भी ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) का विकल्प उपलब्ध करा दिया गया है। यह निर्णय उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरा है जो लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे।
दरअसल, जब से UPS की शुरुआत हुई थी, तब से ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन ने एक गंभीर मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि यदि कोई कर्मचारी UPS चुनता है और रिटायरमेंट से पहले उसकी मृत्यु या विकलांगता हो जाती है, तो यह स्पष्ट नहीं था कि उसके परिवार को किस प्रकार की पेंशन मिलेगी – NPS जैसी या OPS जैसी?
डॉ. जितेंद्र सिंह से हुई थी चर्चा
यह महत्वपूर्ण विषय 24 फरवरी को कर्मचारी एवं पेंशन मामलों के मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाया गया था। मंत्री महोदय ने इसे गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया था कि सरकार इस पर शीघ्र समाधान निकालेगी।
केंद्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला
अब केंद्र सरकार ने UPS के तहत भी यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी कर्मचारी की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु या गंभीर विकलांगता होती है, तो उसे OPS की तर्ज पर पेंशन और फैमिली पेंशन दी जाएगी। इसके अलावा UPS के अंतर्गत भी ग्रेच्युटी (Gratuity) का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा – जो अब तक स्पष्ट नहीं था।
फेडरेशन ने जताया आभार
इस फैसले पर ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन ने सरकार का आभार जताया है और इसे कर्मचारियों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया है। फेडरेशन ने देश भर के कर्मचारियों को यह भरोसा दिलाया है कि चाहे NPS हो या UPS, वे सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूरी बहाली तक अपना संघर्ष जारी रखें।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
माझ्या लेखांचा उद्देश लोकांना अचूक, योग्य आणि विश्वासार्ह माहिती उपलब्ध करून देणे हा आहे. मी नेहमी प्रयत्न करतो की माझ्या लेखनातील भाषा साधी-सोप्या स्वरूपाची असावी, माहिती उपयोगी असावी आणि वाचकांना कोणत्याही विषयाचे आकलन करण्यात अडचण येऊ नये.
