सरकारी पेंशनर्स और कर्मचारी एक बार फिर सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। वजह है – 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकार की चुप्पी। 15 जुलाई 2025 को Government Pensioners Welfare Association की अगुवाई में देशभर में धरना प्रदर्शन होगा। इस प्रदर्शन का उद्देश्य साफ है – सरकार को यह याद दिलाना कि वादे केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रह सकते, उन्हें अमल में लाना भी ज़रूरी है।
जनवरी 2025 में सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा तो कर दी थी, लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी न तो टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) तय हुए और न ही अध्यक्ष या सदस्यों की नियुक्ति हुई। इससे न केवल कर्मचारियों में बल्कि पेंशनर्स के बीच भी भारी नाराजगी है।
धरना देने वाले संगठनों का कहना है कि सरकार को सिर्फ घोषणा करके भूल जाने की आदत हो चुकी है। अब वक्त आ गया है जब सरकार को यह एहसास कराया जाए कि पेंशनर्स और कर्मचारी सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, वे देश की सेवा में अपना जीवन खपा चुके हैं।
प्रदर्शन में उठाई जाएंगी ये अहम मांगे:
पहली मांग है – 8वें वेतन आयोग की तत्काल घोषणा।
पेंशनर्स का कहना है कि अगर आयोग की घोषणा जनवरी में हो चुकी है, तो अब तक ToR तय क्यों नहीं किए गए? नियुक्तियां क्यों रुकी हैं? कर्मचारियों और पेंशनर्स को अपने भविष्य को लेकर अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है?
दूसरी मांग है – हर पांच वर्ष में अतिरिक्त पेंशन का प्रावधान।
65 वर्ष की उम्र पर 5%, 70 वर्ष पर 10% और 75 वर्ष पर 15% अतिरिक्त पेंशन देने की मांग की गई है। यह मांग इसलिए भी उचित है क्योंकि बढ़ती उम्र में जीवनयापन की ज़रूरतें और स्वास्थ्य संबंधी खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
तीसरी अहम मांग – बकाया महंगाई भत्ते का एरियर तत्काल जारी किया जाए।
कई पेंशनर्स महीनों से डीआर (Dearness Relief) का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने DA बढ़ाया तो जरूर है, लेकिन उसका लाभ अब तक पूरी तरह नहीं मिला है।
चौथी मांग – पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाए।
नई पेंशन योजना (NPS) को लेकर कर्मचारियों की नाराजगी किसी से छिपी नहीं है। OPS को बहाल करने की आवाज़ अब ज़ोर पकड़ रही है।
पांचवीं मांग – वित्त विधेयक 2025 में संशोधन।
पेंशनर्स की चिंता है कि इस विधेयक में कुछ ऐसी बातें शामिल हैं जिनसे यह संकेत मिल रहा है कि शायद 8वें वेतन आयोग का लाभ पेंशनर्स को न मिले। हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि सभी को लाभ मिलेगा, फिर भी पेंशनर्स चाहते हैं कि इस संशय को पूरी तरह खत्म किया जाए।
तीसरा ज्ञापन प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा
प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री को तीसरा ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई गई है। इससे पहले भी दो ज्ञापन भेजे जा चुके हैं, लेकिन उन पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई। हाल ही में विकास भवन सभागार में हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आर. एस. वर्मा ने की।
पेंशनर्स का कहना है कि अब इंतज़ार नहीं किया जा सकता। सरकार को गंभीरता दिखानी होगी और जल्द से जल्द 8वें वेतन आयोग को लेकर ठोस कदम उठाने होंगे।
भावनात्मक अपील
सरकार से यह अपील है कि वह उन लोगों की आवाज़ सुने, जिन्होंने अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष राष्ट्र की सेवा में समर्पित किए। ये पेंशनर्स आज सम्मान के साथ जीवन जीने की आकांक्षा रखते हैं। वे कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं मांग रहे, बस वही चाहते हैं जो उनका हक है – समय पर निर्णय और सम्मानजनक जीवन।
अगर सरकार जल्द ही ToR और आयोग की संरचना को अंतिम रूप नहीं देती, तो 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू करना केवल एक सपना रह जाएगा। ऐसे में यह प्रदर्शन सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक उम्मीद है – कि शायद इस बार सरकार सुनेगी।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
माझ्या लेखांचा उद्देश लोकांना अचूक, योग्य आणि विश्वासार्ह माहिती उपलब्ध करून देणे हा आहे. मी नेहमी प्रयत्न करतो की माझ्या लेखनातील भाषा साधी-सोप्या स्वरूपाची असावी, माहिती उपयोगी असावी आणि वाचकांना कोणत्याही विषयाचे आकलन करण्यात अडचण येऊ नये.
