बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने ANM को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। BMC ने कर्मचारियों की उपस्थिति और पगार को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। अब यदि किसी कर्मचारी के खाते में ANM (Absence Not Maintained) की संख्या तय सीमा से अधिक हो जाती है, तो उसका वेतन अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा। यह नियम नवंबर 2025 के पगार से लागू होगा।
ANM क्या है?
ANM का मतलब है Absence Not Maintained — यानी जब किसी कर्मचारी की बायोमेट्रिक सिस्टम में हाजिरी नही लग पाती तो उसकी एंट्री सैप सिस्टम में करनी पड़ती है। निर्धारित समय सीमा में उसकी एंट्री न होने पर वह ANM माना जाता है।
BMC के नियम के अनुसार
1) अगर कर्मचारी की बायोमेट्रिक हाजिरी नही हो पाई, तो उसे अगले महीने की 13 तारीख तक या उसके पहले सैप सिस्टम में एंट्री करनी होती है।
2) अगर किसी तकनीकी समस्या, बाहरी ड्यूटी (OD) या चुनाव ड्यूटी के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाई, तो संबंधित अधिकारी को 7 दिनों के भीतर, मैनुअल अटेंडेंस/ OD/ Election Duty की एंट्री करके अगले महीने की 13 तारीख तक इसको अप्रूव करना होता है। अगर इसकी एंट्री और अप्रूव नही हो पाती है तो वह ANM हो जाता है।
BMC के सामने बढ़ती समस्या
➡️BMC के मुताबिक, सभी कर्मचारियों के खातों में कुल मिलाकर करीब 14 लाख ANM अभी तक लंबित हैं।
➡️2019-20 के कई ANM आज तक क्लियर नहीं हुए।
➡️कुछ मामलों में, कर्मचारी लंबे समय तक अनुपस्थित रहे और पगार भी लेते रहे। इससे न केवल BMC का आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि कई कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति लाभ भी समय पर नहीं मिल पाए।
उदाहरण के तौर पर, एक कर्मचारी का सन 2021 में एक्सीडेंट हो गया था। BMC वैद्यकीय अधिकारी ने अगस्त 2024 को उसको असमर्थ घोषित कर दिया था। वह कामगार अगस्त 2024 से मई 2025 तक अनुपस्थित रहा और उसके खाते में 209 ANM दर्ज हो गए। इस दौरान उसे पगार भी मिलता रहा, जिसकी अब लाखों रुपये की रिकवरी करनी पड़ेगी।
नया नियम – नवंबर 2025 से लागू
BMC ने अब Facial Attendance Machine व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी है और तकनीकी समस्याएं बहुत कम हो चुकी हैं। इसलिए नवंबर 2025 की पगार से निम्लिखित नियम लागू होगा:
यदि 13 नवंबर 2025 को पगार इनपुट के समय किसी कर्मचारी के खाते में 46 से अधिक ANM दिखता हैं, तो उसका वेतन अपने आप रोक दिया जाएगा। यह रोक टेम्पररी होगी। जैसे ही ANM तय सीमा से कम हो जाएंगे वैसे ही अगले महीने का पगार पिछले बकाया के साथ जारी कर दिया जाएगा।
कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी
सभी कर्मचारी समय पर अपनी उपस्थिति और छुट्टी से जुड़े आवेदन दर्ज करें। विभाग प्रमुख और कार्यालय प्रमुख सुनिश्चित करें कि उनके अधीन कर्मचारियों के ANM लंबित न रहें। यदि किसी कर्मचारी का वेतन ANM अधिक होने के कारण रोका जाता है, तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। सभी उप-आयुक्त अपने-अपने विभाग में ANM की समीक्षा करें और लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाएं।
निष्कर्ष
BMC का यह निर्णय कर्मचारियों की उपस्थिति प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन लाने के उद्देश्य से लिया गया है। अब समय पर उपस्थिति दर्ज करना और छुट्टी की स्वीकृति लेना न केवल कर्मचारी की जिम्मेदारी है, बल्कि विभाग की भी। देर या लापरवाही अब सीधे वेतन पर असर डालेगी।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
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