केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच Old Pension Scheme (OPS) को दोबारा लागू करने की मांग लंबे समय से चर्चा में है। खासकर 8वें वेतन आयोग के गठन और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर कर्मचारी संगठनों की सक्रियता बढ़ने के बाद OPS की बहाली को लेकर उम्मीदें भी बढ़ी हैं।
लेकिन अगस्त 2026 की ताजा स्थिति कर्मचारियों के लिए कुछ निराशाजनक है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को वापस लाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
क्या केंद्र सरकार OPS वापस लाने जा रही है?
दरअसल, लोकसभा में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए OPS की बहाली को लेकर सवाल पूछा गया था। वित्त मंत्रालय की ओर से राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 10 अगस्त 2026 को लिखित जवाब में कहा कि केंद्र सरकार के पास केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए NPS से OPS में वापस जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
सरकार की मुख्य चिंता OPS से जुड़ी लंबी अवधि की वित्तीय देनदारी है। OPS एक Defined Benefit Pension व्यवस्था है, जबकि NPS Defined Contribution आधारित व्यवस्था है।
इसका मतलब साफ है कि फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए OPS की वापसी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
फिर OPS की मांग क्यों तेज हो रही है?
कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी दलील यह है कि रिटायरमेंट के बाद निश्चित और पर्याप्त पेंशन मिलनी चाहिए। OPS में पेंशन का ढांचा अंतिम वेतन से जुड़ा था, जबकि NPS में रिटायरमेंट कॉर्पस और निवेश रिटर्न की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
इसी वजह से केंद्रीय कर्मचारी संगठन लगातार सरकार के सामने OPS बहाली की मांग रखते रहे हैं।
हाल में 8वें वेतन आयोग से जुड़े विचार-विमर्श में भी कर्मचारी और शिक्षक संगठन पेंशन व्यवस्था में बदलाव की मांग उठा रहे हैं। केंद्रीय सरकारी शिक्षकों ने भी 8वें वेतन आयोग के सामने OPS बहाली समेत कई मांगें रखी हैं।
8वें वेतन आयोग से OPS की उम्मीद क्यों जुड़ी है?
8वां वेतन आयोग कर्मचारियों के वेतन और पेंशन से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा कर रहा है। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि आयोग की सिफारिशों में रिटायरमेंट लाभ और पेंशन व्यवस्था को भी बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। 8वें वेतन आयोग के विचार-विमर्श में OPS की मांग उठना और सरकार द्वारा OPS लागू करने का फैसला—दो अलग बातें हैं।
वर्तमान स्थिति में सरकार ने OPS को दोबारा लागू करने का फैसला नहीं किया है। इसलिए कर्मचारियों को सोशल मीडिया या वायरल खबरों में किए जा रहे दावों को आधिकारिक घोषणा मानने से बचना चाहिए।
कुछ राज्यों ने OPS क्यों अपनाई?
केंद्र सरकार ने लोकसभा में यह भी बताया है कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश ने NPS से OPS की ओर वापस जाने के संबंध में केंद्र और PFRDA को जानकारी दी है।
लेकिन राज्यों द्वारा OPS अपनाने का मतलब यह नहीं है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए भी OPS अपने आप लागू हो जाएगी।
केंद्र सरकार की अपनी पेंशन नीति और वित्तीय दायित्व हैं। इसलिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अलग निर्णय की आवश्यकता होगी।
NPS के बाद UPS बना नया विकल्प
केंद्र सरकार ने OPS की वापसी के बजाय Unified Pension Scheme (UPS) को एक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पेश किया है।
UPS को 1 अप्रैल 2025 से लागू किया गया। इसके तहत पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद assured pension का प्रावधान है। 25 साल की qualifying service वाले कर्मचारी के लिए assured payout अंतिम 12 महीनों के औसत basic pay का 50% निर्धारित किया गया है। कम सेवा अवधि के लिए यह अनुपातिक होता है, जबकि न्यूनतम qualifying service 10 वर्ष है।
UPS में कर्मचारी और सरकार दोनों का योगदान होता है। इस लिहाज से यह OPS की तरह पूरी तरह non-contributory व्यवस्था नहीं है।
OPS और UPS में क्या अंतर है?
| व्यवस्था | मुख्य विशेषता |
|---|---|
| OPS | Defined Benefit आधारित पुरानी पेंशन व्यवस्था |
| NPS | Defined Contribution और market-linked retirement corpus |
| UPS | Assured pension के साथ contributory व्यवस्था |
OPS में कर्मचारी के लिए रिटायरमेंट के बाद पेंशन की निश्चितता सबसे बड़ा आकर्षण रही है। वहीं UPS में सरकार ने assured pension का प्रावधान करके NPS की कुछ प्रमुख चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है।
क्या भविष्य में OPS वापस आ सकती है?
फिलहाल इसका कोई आधिकारिक संकेत नहीं है। 10 अगस्त 2026 के लोकसभा जवाब के अनुसार केंद्र सरकार के पास OPS बहाली का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
हालांकि कर्मचारी संगठनों की मांग जारी है और 8वें वेतन आयोग के सामने भी पेंशन से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं। इसलिए आने वाले समय में सरकार की ओर से पेंशन व्यवस्था में कोई और बदलाव होता है या नहीं, इस पर कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर बनी रहेगी।
कर्मचारियों के लिए सबसे जरूरी बात
अगर आप केंद्रीय सरकारी कर्मचारी हैं और NPS या UPS के तहत आते हैं, तो फिलहाल OPS की वापसी को लेकर किसी भी वायरल दावे पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
अगस्त 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर स्थिति यह है:
- केंद्रीय कर्मचारियों के लिए OPS बहाली का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
- कुछ राज्यों ने NPS से OPS की ओर वापसी की है।
- केंद्र सरकार ने UPS को विकल्प के रूप में लागू किया है।
- 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठन पेंशन सुधार की मांग उठा रहे हैं।
- OPS की बहाली की मांग अभी भी कर्मचारी संगठनों के एजेंडे में बनी हुई है।
निष्कर्ष: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए Old Pension Scheme की वापसी की खबरों के बीच फिलहाल बड़ा अपडेट यही है कि केंद्र सरकार ने OPS बहाली से इनकार किया है। इसलिए अभी OPS वापस आने की उम्मीद को आधिकारिक फैसला नहीं माना जा सकता। भविष्य में 8वें वेतन आयोग और कर्मचारी संगठनों की मांगों के बाद सरकार क्या निर्णय लेती है

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
माझ्या लेखांचा उद्देश लोकांना अचूक, योग्य आणि विश्वासार्ह माहिती उपलब्ध करून देणे हा आहे. मी नेहमी प्रयत्न करतो की माझ्या लेखनातील भाषा साधी-सोप्या स्वरूपाची असावी, माहिती उपयोगी असावी आणि वाचकांना कोणत्याही विषयाचे आकलन करण्यात अडचण येऊ नये.
