दिल्ली के बुजुर्गों के लिए बड़ी खबर, वृद्धावस्था पेंशन के लंबित आवेदन 7 दिन में होंगे निपटाए

दिल्ली में वृद्धावस्था पेंशन का इंतजार कर रहे बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पेंशन के लंबित आवेदनों को लेकर दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने अब सख्त कदम उठाया है। विभाग ने निर्देश दिया है कि लंबित वृद्धावस्था पेंशन के आवेदनों का निपटारा नए निर्देश जारी होने के बाद 7 कार्य दिवसों के भीतर किया जाए। खास तौर पर उन आवेदनों को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है, जो निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बावजूद अभी तक लंबित हैं।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पेंशन आवेदनों में लगातार बनी हुई पेंडेंसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए क्विक रिस्पांस टीम यानी QRT का गठन किया है। इसके साथ ही सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त वेरिफायर की तैनाती की भी अनुमति दी गई है।

45 दिन में आवेदन निपटाने का नियम

दिल्ली सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत आवेदन प्राप्त होने के बाद सामान्य तौर पर इसे 45 दिनों के भीतर निपटाने का प्रावधान है। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर भी Old Age Pension Scheme के लिए निर्धारित समयसीमा 45 दिन बताई गई है।

हालांकि, बड़ी संख्या में आवेदन इस निर्धारित अवधि के बाद भी लंबित पाए गए। इसी वजह से विभाग को अब विशेष अभियान चलाकर पुराने और लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के निर्देश देने पड़े हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 5 सितंबर की स्थिति में बड़ी संख्या में आवेदन निर्धारित 45 दिन की समयसीमा के बाद भी लंबित थे। इसके बाद विभाग की ओर से लगातार निर्देश जारी किए गए। 14 सितंबर को लंबित आवेदनों के निपटारे के लिए निर्देश दिए गए और इसके बाद QRT के माध्यम से प्रक्रिया तेज करने की कोशिश की गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में आवेदन लंबित रहने पर अब सात कार्य दिवसों के भीतर इनके निपटारे का निर्देश दिया गया है।

6 अधिकारियों की QRT टीम बनाई गई

लंबित पेंशन आवेदनों को जल्द निपटाने के लिए सरकार ने छह वेलफेयर अधिकारियों की क्विक रिस्पांस टीम यानी QRT बनाई है। इस टीम का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया में आने वाली देरी को कम करना और लंबित मामलों को तेजी से आगे बढ़ाना है।

जिला समाज कल्याण अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे लंबित आवेदनों की रोजाना स्टेज-वाइज निगरानी करें। इसका मतलब है कि आवेदन किस चरण पर रुका हुआ है, उसकी नियमित समीक्षा की जाएगी।

यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की जांच, सत्यापन या किसी अन्य प्रक्रिया के कारण देरी हो रही है तो उस स्तर पर तेजी लाने की कोशिश की जाएगी।

अतिरिक्त वेरिफायर की भी तैनाती

पेंशन आवेदन की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन है। इसी प्रक्रिया में देरी कम करने के लिए जिलों में अतिरिक्त वेरिफायर के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इन अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद से लंबित आवेदनों का सत्यापन जल्द पूरा किया जाए। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी आवेदन को बिना वैध कारण के लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। निर्धारित समय से अधिक देरी होने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान भी लागू हो सकता है।

कितनी मिलती है वृद्धावस्था पेंशन?

दिल्ली सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वृद्धावस्था सहायता योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को उम्र के आधार पर आर्थिक सहायता दी जाती है।

60 से 69 वर्ष की उम्र के लाभार्थियों को 2,000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाती है। वहीं, 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों के लिए यह राशि 2,500 रुपये प्रति माह है। 60 से 69 वर्ष की आयु के SC, ST और अल्पसंख्यक समुदाय के पात्र लाभार्थियों के लिए अतिरिक्त 500 रुपये की सहायता का भी प्रावधान है।

यह राशि लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में PFMS के माध्यम से भेजी जाती है।

कौन ले सकता है वृद्धावस्था पेंशन?

दिल्ली सरकार के अनुसार, इस योजना के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन करने वाले व्यक्ति का दिल्ली में आवेदन की तारीख से पहले कम से कम पांच वर्ष का निवास होना जरूरी है।

इसके अलावा आवेदक और उसके जीवनसाथी की सभी स्रोतों से वार्षिक पारिवारिक आय 1 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। आवेदक के पास आधार नंबर होना आवश्यक है और दिल्ली में किसी बैंक में उसके नाम से अकेले संचालित बैंक खाता होना चाहिए, जो आधार से जुड़ा हो।

साथ ही आवेदक को किसी अन्य सरकारी पेंशन या इसी उद्देश्य के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ नहीं मिल रहा होना चाहिए।

आवेदन कैसे किया जाता है?

वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन ऑनलाइन e-District पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित जिला समाज कल्याण कार्यालय से भी आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा सकती है।

आवेदन के दौरान उम्र का प्रमाण, दिल्ली में निवास का प्रमाण, बैंक खाते की जानकारी, फोटो और आय से संबंधित घोषणा जैसे दस्तावेजों की जरूरत होती है। आधार नंबर आवेदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है।

सरकारी नियमों के अनुसार आवेदन जमा होने के बाद जिला समाज कल्याण कार्यालय आवेदन की जांच करता है। जरूरत पड़ने पर आवेदक से अतिरिक्त दस्तावेज या सत्यापन के लिए संपर्क किया जा सकता है। पात्र पाए जाने पर पेंशन स्वीकृत की जाती है।

लंबित आवेदन वाले बुजुर्गों को क्या उम्मीद?

सरकार के नए निर्देश का सबसे सीधा फायदा उन बुजुर्गों को हो सकता है जिनके आवेदन काफी समय से लंबित पड़े हैं। QRT, अतिरिक्त वेरिफायर और रोजाना पेंडेंसी की निगरानी से आवेदन प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि, सात कार्य दिवस में निपटारे का निर्देश लंबित आवेदनों के प्रशासनिक निपटारे से संबंधित है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर आवेदक को सात दिन के अंदर पेंशन मिलना निश्चित है। पहले आवेदन की पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन होगा और पात्र पाए जाने के बाद ही पेंशन स्वीकृत होगी।

इसलिए जिन बुजुर्गों ने आवेदन कर रखा है, उन्हें अपने आवेदन की स्थिति और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी संबंधित विभाग से लेते रहना चाहिए।

दिल्ली सरकार का यह कदम मुख्य रूप से वर्षों या महीनों से लंबित आवेदनों को प्रक्रिया में आगे बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि QRT और अतिरिक्त वेरिफायर की मदद से लंबित मामलों का निपटारा कितनी तेजी से होता है।

Leave a Comment