नई दिल्ली, 16 जून 2025 – भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO) ने Commuted राशि के भुगतान को लेकर एक अहम कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) जारी किया है जिसमें सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली कम्युटेड राशि (Commuted Value of Pension) के भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।
क्यों जारी हुआ यह निर्देश?
सरकार ने देखा है कि बहुत से मामलों में पेंशन की कम्युटेड राशि के भुगतान की प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है। इस कारण CPAO ने सभी अधिकृत बैंकों और लेखा कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे CCS पेंशन नियमों और स्कीम बुकलेट के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करें।
किन मामलों में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी?
1. सेवा-निवृत्ति (Superannuation) पर रिटायर हो रहे कर्मचारियों का मामला
ऐसे कर्मचारी जो सेवानिवृत्ति के समय अपनी पेंशन की कम्युटेड राशि लेना चाहते हैं, उनके लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी:
- लेखा अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद कार्यालय प्रमुख को अधिकृत किया जाएगा कि वह सेवानिवृत्ति की तारीख के अगले दिन का उल्लेख करते हुए चेक या ड्राफ्ट से भुगतान करे।
- पेंशन आदेश (PPO) के दोनों हिस्सों में कम्युटेड राशि और कुल पेंशन का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा।
- सेवा पुस्तिका में कम्युटेड पेंशन के भुगतान का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।
2. वे पेंशनर्स जिन्हें PPO मिलने के बाद कम्युटेड राशि नहीं मिली है
ऐसे पेंशनर्स जो पहले से बैंक के माध्यम से पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कम्युटेड राशि नहीं मिली है, उनके लिए प्रक्रिया अलग होगी:
- भुगतान बैंक शाखा द्वारा किया जाएगा।
- यह भुगतान तभी होगा जब संबंधित मंत्रालय या विभाग का लेखा अधिकारी CPAO को अधिकृत करेगा।
- CPAO भुगतान की सूचना संबंधित बैंक शाखा को देगा।
- स्कीम बुकलेट के पैरा 20 के अनुसार बैंक शाखा पेंशनर्स के खाते में तुरंत राशि जमा करेगी और इसकी जानकारी भी पेंशनर को दी जाएगी।
निष्कर्ष:
इस दिशा-निर्देश से यह स्पष्ट हो गया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन की कम्युटेड राशि मिलने में कोई देरी या भ्रम नहीं होना चाहिए। लेखा अधिकारियों और बैंक शाखाओं को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार ही भुगतान प्रक्रिया को अंजाम दें ताकि पेंशनर्स को उनका हक समय पर और सही तरीके से मिल सके।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
माझ्या लेखांचा उद्देश लोकांना अचूक, योग्य आणि विश्वासार्ह माहिती उपलब्ध करून देणे हा आहे. मी नेहमी प्रयत्न करतो की माझ्या लेखनातील भाषा साधी-सोप्या स्वरूपाची असावी, माहिती उपयोगी असावी आणि वाचकांना कोणत्याही विषयाचे आकलन करण्यात अडचण येऊ नये.

Better to issue instructions to the banks to timely restore the pension which as on date is not done smoothly and pensioners have to run pillar to post.