सिनियर सिटीजन के लिए सरकार ने उठाए अहम कदम, संसद से किया ऐलान

भारत में आयु बढ़ने के साथ बुजुर्गों में आयु-संबंधी बीमारियाँ लगातार बढ़ रही हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। मंत्री जी ने बताया कि सरकार बुजुर्गों की बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अनेक योजनाएं चला रही है।

जीवन प्रत्याशा बढ़ने से बढ़ी बुजुर्गों की संख्या

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण और अन्य रिपोर्टों के अनुसार भारत में बुजुर्गों (60 वर्ष से अधिक आयु के लोग) की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 75% बुजुर्ग किसी न किसी दीर्घकालिक बीमारी से ग्रस्त हैं और 24% बुजुर्ग कम-से-कम दो बीमारियों से पीड़ित हैं।

सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुजुर्गों के लिए विशेष सेवाओं की शुरुआत की है, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित कार्यक्रम शामिल हैं:

1. राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (NPHCE)

इस कार्यक्रम की शुरुआत 2010-11 में की गई थी। इसका उद्देश्य बुजुर्गों को उनकी विशेष स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार समर्पित सेवाएं देना है। इसके तहत जिला, उप-जिला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर बुजुर्गों की जांच और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

2. एनसीडी कार्यक्रम (NPCDCS)

इस कार्यक्रम का उद्देश्य मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम और इलाज है। यह राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में तकनीकी और वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है।

3. राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (NDHM)

इसके अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण किया गया है, जिससे बुजुर्गों की स्वास्थ्य जानकारी और उपचार का रिकॉर्ड बेहतर तरीके से प्रबंधित हो सके।

4. राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा – ई-संजीवनी

इसके माध्यम से बुजुर्गों को घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श मिल रहा है। इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बुजुर्गों को भी विशेषज्ञ चिकित्सा की सुविधा मिल रही है।

बुजुर्गों की नियमित जांच और रेफरल व्यवस्था

30 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों के लिए नियमित रूप से एनसीडी की जांच की जाती है। गंभीर रोगों जैसे दिल की बीमारी और किडनी रोगों के लिए मेडिकल कॉलेजों व AIIMS जैसे संस्थानों को रेफरल किया जाता है।

निष्कर्ष

बढ़ती आयु के साथ स्वास्थ्य चुनौतियाँ भी बढ़ती हैं, लेकिन सरकार द्वारा बुजुर्गों की देखभाल के लिए उठाए गए कदम सराहनीय हैं। इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करके ज्यादा से ज्यादा बुजुर्गों को इनका लाभ दिलाया जा सकता है।

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