8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा लगातार तेज हो रही है। खासकर पेंशनर्स की नजर इस बात पर है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद उनकी बेसिक पेंशन में कितना इजाफा हो सकता है। पेंशन में संभावित बढ़ोतरी का सबसे बड़ा आधार फिटमेंट फैक्टर को माना जा रहा है।
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पेंशन 9,000 रुपये है। अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर पेंशन को संशोधित किया जाता है, तो अलग-अलग पे लेवल के कर्मचारियों की पेंशन में काफी अंतर आ सकता है। कुछ अनुमानों के अनुसार पे लेवल पांच से नौ तक के कर्मचारियों के लिए नई बेसिक पेंशन करीब 30 हजार रुपये से लेकर 68 हजार रुपये से ज्यादा तक पहुंच सकती है। हालांकि, ये आंकड़े अनुमान पर आधारित हैं और अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
पेंशन बढ़ने में फिटमेंट फैक्टर की बड़ी भूमिका
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक पे या पेंशन को संशोधित करने का आधार तैयार होता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। अब 8वें वेतन आयोग को लेकर अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स और अनुमानों में 2.10, 2.28 और 2.57 जैसे फिटमेंट फैक्टर के आधार पर संभावित पेंशन की गणना की गई है। इन आंकड़ों को केवल अनुमान के तौर पर देखना चाहिए, क्योंकि 8वें वेतन आयोग ने अभी अंतिम फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है।
2.10 फिटमेंट फैक्टर पर कितनी हो सकती है पेंशन
अगर 8वें वेतन आयोग में 2.10 का फिटमेंट फैक्टर माना जाता है, तो पे लेवल पांच के लिए संभावित न्यूनतम बेसिक पेंशन करीब 30,660 रुपये हो सकती है।
पे लेवल छह में यह करीब 37,170 रुपये, पे लेवल सात में लगभग 47,145 रुपये, पे लेवल आठ में करीब 49,980 रुपये और पे लेवल नौ में लगभग 55,755 रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
इससे साफ है कि फिटमेंट फैक्टर बढ़ने के साथ संशोधित बेसिक पेंशन में भी बढ़ोतरी की संभावना बढ़ जाती है।
2.28 फिटमेंट फैक्टर हुआ तो कितना फायदा
अगर 8वें वेतन आयोग में 2.28 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो पे लेवल पांच की संभावित न्यूनतम बेसिक पेंशन करीब 33,288 रुपये हो सकती है।
इसी तरह पे लेवल छह में करीब 40,356 रुपये, पे लेवल सात में 51,186 रुपये, पे लेवल आठ में 54,264 रुपये और पे लेवल नौ में लगभग 60,534 रुपये की बेसिक पेंशन का अनुमान लगाया गया है।
यह आंकड़े बताते हैं कि 2.28 का फिटमेंट फैक्टर लागू होने की स्थिति में पेंशनर्स को 2.10 की तुलना में अधिक लाभ मिल सकता है।
2.57 फिटमेंट फैक्टर पर ₹68,234 तक पहुंच सकती है पेंशन
सबसे ज्यादा चर्चा 2.57 फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। अगर 8वें वेतन आयोग में भी 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो पे लेवल नौ के लिए संभावित न्यूनतम बेसिक पेंशन 68,234 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
वहीं पे लेवल पांच में संभावित बेसिक पेंशन 37,522 रुपये, पे लेवल छह में 45,489 रुपये, पे लेवल सात में 57,697 रुपये और पे लेवल आठ में 61,166 रुपये तक पहुंच सकती है।
यानी इस अनुमान के अनुसार लेवल नौ में रिटायर होने वाले कर्मचारी की बेसिक पेंशन करीब 68 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि इसे अभी पक्की पेंशन नहीं माना जा सकता। यह केवल संभावित गणना है।
पेंशनर्स की कई बड़ी मांगें
8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की ओर से कई मांगें रखी जा रही हैं। कुछ संगठनों की मांग है कि पेंशन को अंतिम वेतन के 50 प्रतिशत के बजाय बढ़ाकर 67 प्रतिशत तक किया जाए। इसके अलावा फैमिली पेंशन में भी सुधार की मांग की जा रही है।
कुछ पेंशनर संगठनों ने न्यूनतम पेंशन को भी काफी बढ़ाने की मांग रखी है। भारत पेंशनर्स समाज की ओर से न्यूनतम पेंशन को कम से कम 45,000 रुपये करने की मांग का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा पुराने पेंशनर्स को भी संशोधित पेंशन का लाभ देने की मांग महत्वपूर्ण है। कई कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को भी पेंशन संशोधन के दायरे में समान रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया अभी जारी
सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग का काम केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सेवा संबंधी लाभों की समीक्षा करके सरकार को सिफारिश देना है।
इस समय आयोग अलग-अलग कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है। अक्टूबर 2026 में भी आयोग की बैठकों और परामर्श की प्रक्रिया जारी है। मुंबई में 22 और 23 अक्टूबर को हितधारकों के साथ बैठक प्रस्तावित है।
नई पेंशन में DR का क्या होगा?
8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद महंगाई राहत यानी DR को लेकर भी पेंशनर्स के बीच सवाल हैं। संभावित संशोधन की स्थिति में मौजूदा DR को नई बेसिक पेंशन के साथ समायोजित करने और नए सिरे से महंगाई राहत की व्यवस्था किए जाने की संभावना पर चर्चा होती रही है। लेकिन इसका अंतिम नियम सरकार और 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल केंद्रीय पेंशनर्स को 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई राहत मिल रही है। अप्रैल 2026 में केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 से DA और DR में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जिससे दर 60 प्रतिशत हुई थी।
₹68 हजार पेंशन की खबर कितनी सही?
₹68,234 की पेंशन का आंकड़ा पूरी तरह से एक संभावित गणना है। यह इस अनुमान पर आधारित है कि 8वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू हो और संबंधित पे लेवल के लिए उस आधार पर पेंशन संशोधित की जाए।
इसलिए पेंशनर्स को अभी ₹68 हजार की पेंशन को सरकारी घोषणा नहीं मानना चाहिए। 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश, फिटमेंट फैक्टर और सरकार की मंजूरी के बाद ही वास्तविक पेंशन की तस्वीर साफ होगी। खुद उपलब्ध रिपोर्ट में भी इन आंकड़ों को अनुमान बताया गया है।
कुल मिलाकर 8वें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स को भी बड़ी उम्मीदें हैं। फिटमेंट फैक्टर कितना तय होता है, पुराने पेंशनर्स को किस तरह का लाभ मिलता है और न्यूनतम पेंशन में कितना संशोधन होता है, इन सभी सवालों के जवाब आयोग की अंतिम सिफारिशों के बाद ही मिलेंगे। फिलहाल ₹30 हजार से ₹68 हजार तक की संभावित पेंशन के आंकड़े चर्चा में हैं, लेकिन इन्हें अंतिम पेंशन समझना जल्दबाजी होगी।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
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