नई दिल्ली: देशभर के लाखों पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO) ने पेंशनर्स को सतर्क करते हुए कहा है कि साइबर अपराधी जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) अपडेट कराने के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। कई मामलों में ठग खुद को सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मचारी या पेंशन विभाग का प्रतिनिधि बताकर पेंशनभोगियों से व्यक्तिगत जानकारी और ओटीपी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
कैसे हो रही है ठगी?
CPAO के अनुसार साइबर अपराधी पेंशनभोगियों को फोन करके दावा करते हैं कि उनका जीवन प्रमाण पत्र अपडेट नहीं हुआ है और यदि तुरंत सत्यापन नहीं कराया गया तो पेंशन बंद हो सकती है। इसके बाद वे पेंशनर से PPO नंबर, आधार नंबर, जन्म तिथि, बैंक खाते की जानकारी और मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी साझा करने के लिए कहते हैं।
जैसे ही पेंशनभोगी ओटीपी साझा करता है, ठग उसके बैंक खाते तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं और खाते से रकम निकाल सकते हैं। कई राज्यों में इस प्रकार की धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं।
सरकार ने क्या कहा?
CPAO ने स्पष्ट किया है कि न तो CPAO, न कोई बैंक और न ही कोई सरकारी एजेंसी जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए फोन करके ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी मांगती है। पेंशनभोगियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी व्यक्ति के साथ अपना PPO नंबर, बैंक विवरण, आधार संख्या या ओटीपी साझा न करें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक या पेंशन विभाग का अधिकारी बताकर फोन करे तो उसकी बातों पर तुरंत भरोसा न करें।
किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाता संख्या, एटीएम कार्ड विवरण या आधार संबंधी जानकारी न दें।
जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए केवल अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें।
किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या मोबाइल में अज्ञात ऐप डाउनलोड करने से बचें।
संदेह होने पर सीधे अपने बैंक या संबंधित पेंशन कार्यालय से संपर्क करें।
पेंशनभोगियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह चेतावनी?
पेंशनभोगी अक्सर साइबर ठगों के आसान निशाने बन जाते हैं क्योंकि उन्हें पेंशन और जीवन प्रमाण पत्र से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी सीमित हो सकती है। इसी का फायदा उठाकर अपराधी उन्हें डराते हैं और उनकी मेहनत की जमा पूंजी पर हाथ साफ करने की कोशिश करते हैं।
क्या करें अगर ठगी का प्रयास हो?
यदि आपको ऐसा कोई फोन कॉल, संदेश या व्हाट्सएप लिंक प्राप्त होता है तो तुरंत उसे नजरअंदाज करें और इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन को दें। समय पर शिकायत करने से वित्तीय नुकसान को रोका जा सकता है।
निष्कर्ष
जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सभी पेंशनभोगियों को अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है। याद रखें, कोई भी सरकारी विभाग या बैंक फोन पर ओटीपी नहीं मांगता। आपकी एक छोटी सी सावधानी आपकी पूरी पेंशन और जीवन भर की बचत को सुरक्षित रख सकती है।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
माझ्या लेखांचा उद्देश लोकांना अचूक, योग्य आणि विश्वासार्ह माहिती उपलब्ध करून देणे हा आहे. मी नेहमी प्रयत्न करतो की माझ्या लेखनातील भाषा साधी-सोप्या स्वरूपाची असावी, माहिती उपयोगी असावी आणि वाचकांना कोणत्याही विषयाचे आकलन करण्यात अडचण येऊ नये.
