देशभर में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा लगातार बनी हुई है। इसी बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनर्स ने अपनी कई पुरानी मांगों को लेकर आवाज उठाई है। पेंशनर्स एसोसिएशन की ओर से 12 सूत्री मांगों को सामने रखा गया है, जिसमें पेंशन पुनरीक्षण, 8वें वेतन आयोग का लाभ, महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को मूल पेंशन में शामिल करने, कम्यूटेशन की अवधि घटाने और वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त सुविधाएं देने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
29 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद संगठन की ओर से प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा गया। संगठन ने सरकार से पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
8वें वेतन आयोग में पुराने पेंशनर्स को शामिल करने की मांग
पेंशनर्स की प्रमुख मांगों में 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को भी 8वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल करना है। संगठन का कहना है कि पेंशन पुनरीक्षण में सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर अलग-अलग व्यवस्था नहीं होनी चाहिए।
पेंशनर्स का कहना है कि वेतन आयोग की प्रक्रिया का सीधा असर कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशन प्राप्त करने वाले पूर्व कर्मचारियों पर भी पड़ता है। इसलिए पेंशन पुनरीक्षण की व्यवस्था में सभी पात्र पेंशनर्स को शामिल किए जाने की मांग की गई है।
पुराने और नए पेंशनर्स के बीच अंतर खत्म करने की मांग
एसोसिएशन ने पेंशन व्यवस्था में अलग-अलग श्रेणियों के बीच किए जा रहे अंतर को समाप्त करने की मांग भी रखी है। संगठन ने वित्त विधेयक 2025 में पुराने और नए पेंशनर्स के बीच किए गए कथित अंतर को खत्म करने की बात कही है।
पेंशनर्स संगठनों का कहना है कि पेंशन से जुड़े लाभों में समानता और स्पष्ट नियम होना जरूरी है। उनका मानना है कि लंबे समय तक सरकारी सेवा देने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन से जुड़े नियमों में अनावश्यक अंतर नहीं होना चाहिए।
वेतन आयोग में देरी को देखते हुए अंतरिम राहत की मांग
8वें वेतन आयोग से जुड़े विषय पर प्रक्रिया चल रही है। इसी को देखते हुए पेंशनर्स और कर्मचारियों के लिए अंतरिम राहत देने की मांग भी सामने आई है।
संगठन की मांग है कि जब तक वेतन आयोग की पूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और अंतिम सिफारिशों पर फैसला नहीं होता, तब तक कर्मचारियों और पेंशनर्स को अंतरिम राहत देने पर विचार किया जाए।
यह मांग केवल पेंशनर्स तक सीमित नहीं है। ज्ञापन में कर्मचारियों और शिक्षकों को भी अंतरिम राहत दिए जाने की बात कही गई है।
पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग
पेंशनर्स एसोसिएशन ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की मांग भी दोहराई है। पुरानी पेंशन व्यवस्था को लेकर सरकारी कर्मचारी संगठनों की ओर से अलग-अलग समय पर मांगें उठती रही हैं।
पेंशनर्स का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद नियमित और सुनिश्चित आय का महत्व काफी बढ़ जाता है। इसी वजह से संगठन ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग ज्ञापन में शामिल की है।
पेंशन को आयकर से मुक्त करने की मांग
पेंशन पर आयकर से संबंधित नियमों में राहत देने की मांग भी रखी गई है। संगठन चाहता है कि पेंशन को आयकर के दायरे से बाहर किया जाए।
पेंशनर्स का तर्क है कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन जीवन-यापन का प्रमुख साधन होती है। ऐसे में पेंशन पर कर संबंधी राहत से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक मदद मिल सकती है।
65 साल के बाद पेंशन में बढ़ोतरी की मांग
पेंशनर्स की एक महत्वपूर्ण मांग उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में अतिरिक्त वृद्धि से जुड़ी है। संगठन ने मांग की है कि 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पेंशन में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए।
पेंशनर्स संगठनों का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों पर खर्च बढ़ सकता है। इसलिए अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए अतिरिक्त पेंशन लाभ की व्यवस्था की जानी चाहिए।
कम्यूटेशन की कटौती 10 साल में समाप्त करने की मांग
पेंशन कम्यूटेशन को लेकर भी संगठन ने बदलाव की मांग की है। वर्तमान व्यवस्था में कम्यूटेड पेंशन की कटौती की अवधि को कम करने की मांग रखी गई है।
एसोसिएशन चाहता है कि पेंशन कम्यूटेशन की कटौती 15 वर्ष के बजाय 10 वर्ष में समाप्त हो। इस मांग के लागू होने पर पात्र पेंशनर्स को निर्धारित अवधि के बाद पूरी पेंशन मिलने की व्यवस्था जल्द हो सकती है।
50 प्रतिशत डीए-डीआर होने पर मूल पेंशन में मर्जर
महंगाई भत्ता और महंगाई राहत से जुड़ी मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संगठन ने मांग की है कि जब डीए या डीआर 50 प्रतिशत से अधिक हो जाए तो उसे मूल वेतन या मूल पेंशन में मर्ज करने की व्यवस्था की जाए।
पेंशनर्स के लिए डीआर में होने वाली बढ़ोतरी महंगाई के असर को कम करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी वजह से संगठन ने महंगाई राहत को मूल पेंशन के साथ जोड़ने की मांग रखी है।
18 महीने के डीए-डीआर एरियर का भुगतान
कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के एरियर का मुद्दा भी एक बार फिर उठाया गया है।
पेंशनर्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि इस अवधि का बकाया डीए और डीआर एरियर जारी किया जाए। यह मांग लंबे समय से कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों के बीच चर्चा में रही है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल किराए में 50 प्रतिशत छूट
ज्ञापन में वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में 50 प्रतिशत किराया छूट देने की मांग भी शामिल है। संगठन का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा के दौरान विशेष रियायत मिलनी चाहिए।
इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज की सीमा बढ़ाकर 10 लाख m
रुपये करने और वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी रखी गई है।
अब आगे क्या होगा?
पेंशनर्स की ओर से ये मांगें ज्ञापन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई गई हैं। फिलहाल इन मांगों पर सरकार की ओर से किसी अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए 8वें वेतन आयोग, पेंशन पुनरीक्षण, डीए-डीआर मर्जर, कम्यूटेशन और 18 महीने के एरियर से जुड़ी मांगों को अभी संगठन की मांग के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पेंशनर्स के लिए आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार इन प्रस्तावों पर क्या निर्णय लेती है। खास तौर पर 8वें वेतन आयोग के दायरे में पुराने पेंशनर्स को शामिल करने और पेंशन पुनरीक्षण की मांग पर पेंशनर्स की नजर बनी हुई है।
निष्कर्ष
सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनर्स की ओर से रखी गई 12 सूत्री मांगों में पेंशन बढ़ाने से लेकर महंगाई राहत, कम्यूटेशन, टैक्स, रेल किराया और स्वास्थ्य सुविधाओं तक कई मुद्दे शामिल हैं। 8वें वेतन आयोग में 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनर्स को शामिल करने की मांग इस ज्ञापन के प्रमुख मुद्दों में है।
फिलहाल ये सभी प्रस्ताव पेंशनर्स संगठन की मांगें हैं और इन पर अंतिम फैसला सरकार को लेना है। ऐसे में पेंशनर्स को आगे आने वाले सरकारी निर्णयों और आधिकारिक आदेशों का इंतजार करना होगा।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
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