मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कर्मचारियों के लिए त्योहारों के मौके पर अच्छी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार के वित्त विभाग ने Festival Advance की अधिकतम सीमा बढ़ाकर ₹20,000 करने का शासन निर्णय जारी किया है। यह शासन निर्णय 5 नवंबर 2026 को जारी किया गया है।
इस फैसले के बाद BMC कर्मचारियों को भी Festival Advance में बढ़ोतरी का लाभ मिलने की उम्मीद है। अभी तक BMC कर्मचारियों को ₹12,500 Festival Advance दिया जाता था, लेकिन अब इसमें ₹7,500 की बढ़ोतरी होने जा रही है। यानी Festival Advance की राशि ₹12,500 से बढ़कर ₹20,000 हो सकती है।
इस संबंध में BMC का सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) जल्द ही सर्कुलर जारी कर सकता है। कर्मचारियों को अब आधिकारिक सर्कुलर का इंतजार है।
₹12,500 से बढ़कर ₹20,000 होगा Festival Advance
अभी तक BMC कर्मचारियों को त्योहारों के अवसर पर ₹12,500 Festival Advance मिलता था। महाराष्ट्र सरकार के नए फैसले के अनुसार Festival Advance की अधिकतम सीमा ₹20,000 कर दी गई है।
इससे BMC कर्मचारियों के Festival Advance में ₹7,500 की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
| विवरण | राशि |
|---|---|
| पहले मिलने वाला Festival Advance | ₹12,500 |
| नई प्रस्तावित राशि | ₹20,000 |
| कुल बढ़ोतरी | ₹7,500 |
BMC कर्मचारियों को भी मिलेगा इसका लाभ
महाराष्ट्र सरकार के वित्त विभाग ने 5 नवंबर 2026 को Festival Advance की सीमा बढ़ाने संबंधी शासन निर्णय जारी किया है।
इस फैसले के बाद BMC कर्मचारियों को भी बढ़ी हुई राशि का लाभ मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में BMC सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) जल्द ही अपना सर्कुलर जारी कर सकता है।
GAD का सर्कुलर जारी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि BMC कर्मचारियों को बढ़ा हुआ Festival Advance कब और किस प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा।
किन त्योहारों पर मिलेगा ₹20,000 Festival Advance?
महाराष्ट्र सरकार के शासन निर्णय में कुल 10 त्योहारों के लिए Festival Advance की सुविधा का उल्लेख किया गया है।
- दिवाली
- रमजान ईद
- क्रिसमस
- पारसी नववर्ष
- संवत्सरी
- रोशा-होराना
- वैशाखी पूर्णिमा (भगवान बुद्ध जयंती)
- स्वतंत्रता दिवस
- प्रजासत्ताक दिवस
- डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती
इन त्योहारों के अवसर पर पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार Festival Advance लेने की सुविधा रहेगी।
Festival Advance पर नहीं लगेगा कोई ब्याज
कर्मचारियों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि Festival Advance की राशि पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ता है।
अगर कोई कर्मचारी ₹20,000 का Festival Advance लेता है, तो उसे पूरी ₹20,000 की रकम एक साथ मिल जाएगी। इसके बाद इस रकम की वसूली अगले 10 महीनों तक हर महीने वेतन से निश्चित किस्त के रूप में की जाएगी।
इसे एक उदाहरण से समझते हैं।
| विवरण | राशि |
|---|---|
| मिलने वाला Festival Advance | ₹20,000 |
| कुल वसूली की अवधि | 10 महीने |
| हर महीने वेतन से कटौती | ₹2,000 |
| कुल ब्याज | ₹0 |
यानी अगर किसी कर्मचारी को ₹20,000 Festival Advance मिलता है, तो उसके वेतन से अगले 10 महीनों तक हर महीने ₹2,000 की कटौती होगी। इस पूरी रकम पर कोई ब्याज नहीं लगेगा।
इस तरह कर्मचारियों को त्योहार के समय एक साथ ₹20,000 की आर्थिक सहायता मिलेगी और इसकी वसूली भी बिना ब्याज के 10 महीनों में पूरी हो जाएगी।
कब जारी होगा BMC का GAD सर्कुलर?
महाराष्ट्र सरकार के वित्त विभाग द्वारा Festival Advance की सीमा बढ़ाने का शासन निर्णय जारी होने के बाद अब BMC कर्मचारियों को अपने महानगरपालिका प्रशासन के आदेश का इंतजार है।
उम्मीद है कि BMC सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) जल्द ही इस संबंध में सर्कुलर जारी करेगा। इसके बाद कर्मचारियों को ₹20,000 Festival Advance मिलने की प्रक्रिया और तारीख की आधिकारिक जानकारी मिल सकेगी।
निष्कर्ष
BMC कर्मचारियों को अभी तक ₹12,500 Festival Advance मिलता था। अब नई व्यवस्था के तहत इसमें ₹7,500 की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। यानी पात्र कर्मचारियों को ₹20,000 Festival Advance मिल सकता है।
सबसे खास बात यह है कि इस रकम पर कोई ब्याज नहीं लगेगा और इसकी वसूली 10 महीनों में समान मासिक किस्तों के जरिए होगी।
अब कर्मचारियों की नजर BMC के GAD सर्कुलर पर है। सर्कुलर जारी होते ही Festival Advance को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
माझ्या लेखांचा उद्देश लोकांना अचूक, योग्य आणि विश्वासार्ह माहिती उपलब्ध करून देणे हा आहे. मी नेहमी प्रयत्न करतो की माझ्या लेखनातील भाषा साधी-सोप्या स्वरूपाची असावी, माहिती उपयोगी असावी आणि वाचकांना कोणत्याही विषयाचे आकलन करण्यात अडचण येऊ नये.
