EPFO Higher Pension: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की हायर पेंशन को लेकर पेंशनर्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सरकार ने लोकसभा में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2022 के आदेश के बाद पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 1,49,806 पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी किए जा चुके हैं। इसका मतलब है कि इन कर्मचारियों को उच्च पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो गया है।
यह जानकारी श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में लिखित जवाब के दौरान दी। हायर पेंशन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे और EPFO की ओर से पात्र दावों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
हालांकि, अभी भी हजारों आवेदन लंबित हैं। सरकार के अनुसार 5 अगस्त 2026 तक हायर पेंशन से जुड़े 11,595 दावे लंबित थे।
1.49 लाख कर्मचारियों को मिला हायर पेंशन का लाभ
EPFO ने हायर पेंशन के लिए पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामलों में पेंशन भुगतान आदेश जारी किए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कुल 1,49,806 PPO जारी किए जा चुके हैं।
PPO जारी होने के बाद संबंधित पेंशनर को स्वीकृत पेंशन के अनुसार भुगतान प्राप्त करने का रास्ता साफ हो जाता है। यह उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत है जिन्होंने उच्च वेतन के आधार पर पेंशन का विकल्प चुना था और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की थी।
हायर पेंशन का मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय से कर्मचारी और पेंशनर्स अपने वास्तविक वेतन के आधार पर पेंशन की मांग करते रहे हैं।
हायर पेंशन के लिए कितने दावे मिले?
सरकार ने लोकसभा में बताया कि हायर पेंशन के लिए 15,24,365 दावे प्राप्त हुए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में मामलों की जांच और प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
हालांकि 5 अगस्त 2026 तक 11,595 दावे लंबित थे। इसका मतलब है कि अभी भी कुछ आवेदकों को अपने मामले के निपटारे का इंतजार करना पड़ रहा है।
हायर पेंशन की प्रक्रिया में कर्मचारी के वेतन, EPFO रिकॉर्ड, नियोक्ता की जानकारी और पेंशन से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच की जाती है। पात्रता और रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद ही पेंशन में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
हायर पेंशन का पूरा मामला नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले से जुड़ा है। अदालत ने पात्र EPFO सदस्यों को पेंशन योजना में वास्तविक वेतन के आधार पर अधिक योगदान करने का विकल्प देने से संबंधित निर्देश दिए थे।
इस फैसले के बाद EPFO ने पात्र सदस्यों से हायर पेंशन के लिए आवेदन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। इसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनर्स ने उच्च पेंशन के लिए दावे किए।
अब सरकार द्वारा लोकसभा में दिए गए आंकड़ों से पता चलता है कि इस प्रक्रिया के तहत करीब डेढ़ लाख पेंशन भुगतान आदेश जारी किए जा चुके हैं।
हायर पेंशन क्या होती है?
सामान्य तौर पर EPS के तहत पेंशन की गणना निर्धारित नियमों और पेंशन योग्य वेतन के आधार पर की जाती है। कुछ पात्र कर्मचारियों को वास्तविक वेतन के आधार पर अधिक योगदान के जरिए ज्यादा पेंशन प्राप्त करने का विकल्प मिला।
इसे आम तौर पर Higher Pension कहा जाता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर EPFO सदस्य को अपने आप ज्यादा पेंशन मिलने लगेगी। हायर पेंशन का लाभ केवल उन सदस्यों को मिलता है जो संबंधित नियमों के तहत पात्र हैं और जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विकल्प और योगदान से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की हैं।
EPS के तहत कितने पेंशनर्स हैं?
सरकार की ओर से लोकसभा में बताया गया कि 31 मार्च 2026 तक कर्मचारी पेंशन योजना के तहत कुल 85,84,604 पेंशनर्स थे।
यह आंकड़ा बताता है कि EPS देश में करोड़ों कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए पेंशन में होने वाला कोई भी बड़ा बदलाव लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति पर असर डाल सकता है।
EPS से जुड़े पेंशनर्स लंबे समय से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और बेहतर सामाजिक सुरक्षा की मांग भी करते रहे हैं।
न्यूनतम EPS पेंशन अभी ₹1,000
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि EPS-95 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन ₹1,000 है।
हालांकि पेंशनर्स संगठनों की ओर से इसे बढ़ाने की मांग लगातार की जाती रही है। कई संगठन न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹7,500 करने और इसके साथ महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं।
इसलिए हायर पेंशन और न्यूनतम पेंशन दो अलग-अलग मुद्दे हैं। हायर पेंशन का संबंध पात्र कर्मचारियों के वास्तविक वेतन के आधार पर अधिक पेंशन से है, जबकि न्यूनतम पेंशन का संबंध EPS के तहत मिलने वाली न्यूनतम निर्धारित राशि से है।
OPS को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की
लोकसभा में इसी दौरान पुरानी पेंशन योजना यानी Old Pension Scheme (OPS) को लेकर भी सरकार से सवाल पूछा गया।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में बताया कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए OPS को दोबारा लागू करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
सरकार का कहना है कि OPS बहाल करने से सरकारी खजाने पर दीर्घकालिक वित्तीय बोझ पड़ सकता है। इसलिए केंद्र के स्तर पर OPS की वापसी का कोई प्रस्ताव अभी नहीं है।
इन राज्यों ने OPS की वापसी की जानकारी दी
सरकार के अनुसार राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकारों ने NPS से OPS की ओर लौटने के संबंध में केंद्र और PFRDA को जानकारी दी है।
हालांकि किसी राज्य में OPS लागू करने का फैसला केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर स्वतः लागू नहीं होता। राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था को लेकर अपने स्तर पर निर्णय ले सकती हैं।
यानी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए OPS और राज्यों में OPS की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।
पेंशनर्स के लिए क्या मायने रखती है यह खबर?
EPFO की हायर पेंशन से जुड़ा यह आंकड़ा उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने वास्तविक वेतन के आधार पर अधिक पेंशन का विकल्प चुना था। करीब डेढ़ लाख PPO जारी होने से यह संकेत मिलता है कि पात्र मामलों में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
वहीं जिन लोगों के दावे अभी लंबित हैं, उन्हें अपने आवेदन की स्थिति और EPFO द्वारा मांगे गए दस्तावेजों पर ध्यान देना चाहिए। हर मामले में पेंशन की राशि अलग हो सकती है, इसलिए किसी एक पेंशनर को मिलने वाली राशि को सभी के लिए लागू नहीं माना जा सकता।
आगे क्या उम्मीद है?
EPFO की हायर पेंशन प्रक्रिया में अभी भी कुछ दावे लंबित हैं। आने वाले समय में इन मामलों की जांच और निपटारा होने की उम्मीद है।
दूसरी तरफ EPS पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग भी लगातार जारी है। हायर पेंशन मिलने वाले पेंशनर्स और न्यूनतम पेंशन पाने वाले पेंशनर्स की समस्याएं अलग हैं, इसलिए दोनों विषयों पर अलग-अलग निर्णय की जरूरत होगी।
निष्कर्ष
EPFO की हायर पेंशन को लेकर सरकार ने लोकसभा में महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए हैं। 1,49,806 पेंशन भुगतान आदेश जारी किए जा चुके हैं, जबकि 5 अगस्त 2026 तक 11,595 दावे लंबित थे। कुल 15,24,365 हायर पेंशन दावे प्राप्त हुए थे।
इसके साथ ही 31 मार्च 2026 तक EPS के तहत 85,84,604 पेंशनर्स होने की जानकारी दी गई है। EPS के तहत न्यूनतम पेंशन अभी ₹1,000 प्रति माह है।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने OPS की वापसी को लेकर भी साफ किया है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे में EPFO पेंशनर्स के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हायर पेंशन के लंबित मामलों का निपटारा, न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अन्य सुधार बने हुए हैं।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
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