EPS-95 Pension Hike: पेंशन बढ़ाने की मांग पर अक्टूबर में सरकार और मजदूर संघ की बैठक, ₹7,500 की मांग

EPFO के तहत पेंशन पाने वाले लाखों पेंशनर्स के लिए न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग एक बार फिर चर्चा में है। कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS-95 के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर भारतीय मजदूर संघ और केंद्र सरकार के बीच अक्टूबर 2026 में बैठक प्रस्तावित है।

जागरण की 18 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मजदूर संघ ने केंद्र सरकार के सामने EPS-95 की न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह करने की मांग रखी है। इसके साथ महंगाई भत्ता यानी DA देने और पेंशनर्स को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने की मांग भी की गई है।

अक्टूबर में हो सकती है सरकार और मजदूर संघ की बैठक

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय श्रम मंत्री के साथ अक्टूबर महीने के मध्य में बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में पेंशन बढ़ाने सहित EPS-95 पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही गई है। हालांकि, अभी यह कहना सही नहीं होगा कि ₹7,500 की न्यूनतम पेंशन मंजूर हो चुकी है। फिलहाल यह भारतीय मजदूर संघ की प्रमुख मांग है और इस पर सरकार की ओर से अंतिम निर्णय का इंतजार है।

केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय ने भी पहले संसद में बताया था कि EPS-95 की न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाने को लेकर ट्रेड यूनियनों और जनप्रतिनिधियों समेत विभिन्न पक्षों से मांगें प्राप्त हुई हैं। इसका मतलब है कि यह मुद्दा सरकार के सामने पहले से मौजूद है।

अभी कितनी है EPS-95 की न्यूनतम पेंशन?

वर्तमान नियमों के तहत EPS-95 में न्यूनतम मासिक पेंशन ₹1,000 है। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंशन प्राप्त करने के लिए कम से कम 10 वर्ष की पात्र सेवा आवश्यक है। सामान्य रूप से पेंशन की शुरुआत 58 वर्ष की आयु में होती है। हालांकि, पात्र सदस्य 50 वर्ष की उम्र के बाद अर्ली पेंशन ले सकते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में पेंशन की राशि कम हो जाती है।

यही वजह है कि लंबे समय से EPS-95 पेंशनर्स न्यूनतम पेंशन को मौजूदा महंगाई और रोजमर्रा के खर्च को देखते हुए बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

₹7,500 न्यूनतम पेंशन की मांग क्या है?

भारतीय मजदूर संघ की मांग है कि EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह किया जाए। इसके अलावा इस राशि के साथ महंगाई भत्ते को जोड़ने की मांग भी की गई है।

अगर यह मांग स्वीकार होती है तो मौजूदा ₹1,000 न्यूनतम पेंशन पाने वाले पात्र पेंशनर्स की मूल पेंशन में ₹6,500 प्रति माह का अंतर होगा। हालांकि, यह केवल मांग के आधार पर किया गया गणित है। अभी ₹7,500 की राशि को नई न्यूनतम पेंशन के रूप में लागू नहीं किया गया है।

मजदूर संघ का तर्क है कि पेंशन में महंगाई भत्ता जोड़ने से समय के साथ बढ़ती महंगाई के असर को कम करने में मदद मिल सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि DA मिलने के बाद पेंशन की कुल राशि ₹10,000 से ₹12,000 के बीच पहुंच सकती है। यह भारतीय मजदूर संघ की ओर से बताया गया अनुमान है, न कि सरकार द्वारा घोषित नई पेंशन राशि।

आयुष्मान भारत का लाभ देने की भी मांग

EPS-95 पेंशनर्स के लिए केवल पेंशन बढ़ाने की मांग ही नहीं है। भारतीय मजदूर संघ ने सभी पेंशन धारकों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने की मांग भी रखी है।

बढ़ती उम्र में इलाज का खर्च पेंशनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहता है। इसलिए संगठन चाहता है कि EPS-95 पेंशनर्स को भी स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिले।

सरकार पहले भी मांगों से अवगत हो चुकी है

EPS-95 की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग नई नहीं है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने जुलाई 2025 में संसद में जानकारी दी थी कि न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 प्रति माह से बढ़ाने के संबंध में ट्रेड यूनियनों और जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों से अभ्यावेदन मिले हैं।

इसके अलावा फरवरी 2026 में श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने भारतीय मजदूर संघ के सम्मेलन में कहा था कि BMS की ओर से EPFO और ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने तथा EPS-95 की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव सरकार को दिए गए हैं और इन मामलों की जांच की जाएगी।

इससे साफ है कि EPS-95 पेंशन बढ़ाने का मुद्दा सरकार के सामने लगातार उठाया जा रहा है।

EPFO की वेतन सीमा में भी बदलाव

पेंशन के इस मुद्दे के बीच EPFO की वेतन सीमा भी चर्चा में है। सितंबर 2026 में सरकार ने EPFO के अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार इससे ₹15,000 से ₹25,000 तक वेतन पाने वाले 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने में मदद मिलेगी।

हालांकि, EPFO की वेतन सीमा बढ़ने और EPS-95 की न्यूनतम पेंशन बढ़ने को एक ही फैसला नहीं समझना चाहिए। दोनों अलग-अलग विषय हैं। न्यूनतम EPS पेंशन ₹7,500 करने की बात अभी मांग के स्तर पर है।

पेंशनर्स की नजर अक्टूबर की बैठक पर

EPS-95 पेंशनर्स के लिए अब अक्टूबर में प्रस्तावित बैठक महत्वपूर्ण हो सकती है। बैठक में न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, महंगाई भत्ते से जोड़ने और स्वास्थ्य बीमा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की बात सामने आई है।

लेकिन जब तक केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश या अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक ₹7,500 को नई न्यूनतम EPS पेंशन मानना सही नहीं होगा। फिलहाल आधिकारिक न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह है।

पेंशनर्स को इसलिए अक्टूबर की प्रस्तावित बैठक और उसके बाद सरकार की आधिकारिक घोषणा पर नजर रखनी चाहिए। अगर सरकार न्यूनतम पेंशन में बदलाव को मंजूरी देती है, तभी नई पेंशन राशि और उसके लागू होने की तारीख स्पष्ट होगी।

Leave a Comment