8th Pay Commission को सौंपा गया बड़ा ज्ञापन, पेंशनर्स ने रखीं 10 बड़ी मांगें, 65 साल से अतिरिक्त पेंशन की मांग तेज

नई दिल्ली: 8th Pay Commission (8th CPC) के समक्ष देशभर के कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स एसोसिएशनों द्वारा लगातार मांगें रखी जा रही हैं। इसी कड़ी में रेलवे सीनियर सिटीजंस वेलफेयर सोसायटी (RSCWS) ने आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पेंशनभोगियों और परिवार पेंशनभोगियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। इस ज्ञापन में पेंशन, महंगाई राहत, मेडिकल सुविधाओं और अतिरिक्त पेंशन सहित कई बड़े सुधारों की मांग की गई है।

65 वर्ष की उम्र से अतिरिक्त पेंशन की मांग

वर्तमान नियमों के अनुसार अतिरिक्त पेंशन का लाभ 80 वर्ष की आयु से शुरू होता है। लेकिन RSCWS ने मांग की है कि यह लाभ 80 वर्ष के बजाय 65 वर्ष की आयु से ही दिया जाए। संगठन का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ चिकित्सा और जीवनयापन का खर्च काफी बढ़ जाता है, इसलिए वरिष्ठ पेंशनर्स को जल्द आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।

100% महंगाई राहत (DR) की मांग

ज्ञापन में कहा गया है कि पेंशनर्स को महंगाई के प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसके लिए 100 प्रतिशत महंगाई राहत (Dearness Relief Neutralization) सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही पेंशनर्स के लिए अलग मूल्य सूचकांक विकसित करने का सुझाव भी दिया गया है।

हर वेतन आयोग में स्वतः संशोधित हो पेंशन

संगठन ने मांग की है कि भविष्य में प्रत्येक वेतन आयोग के बाद पेंशन का स्वतः पुनरीक्षण (Automatic Pension Revision) किया जाए। इससे पुराने और नए पेंशनर्स के बीच पैदा होने वाली असमानताओं को समाप्त किया जा सकेगा।

मेडिकल भत्ते में भारी बढ़ोतरी की मांग

पेंशनर्स का कहना है कि वर्तमान चिकित्सा भत्ता वास्तविक खर्चों के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस में पर्याप्त वृद्धि की जाए और CGHS जैसी कैशलेस चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार दूर-दराज क्षेत्रों तक किया जाए।

भेदभाव हो खत्म

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि समान पद और समान सेवा अवधि वाले पेंशनर्स को उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर अलग-अलग लाभ नहीं मिलने चाहिए। सभी पेंशनर्स के लिए संशोधित समानता (Modified Parity) लागू की जानी चाहिए।

अन्य प्रमुख मांगें

पेंशनर्स संगठन ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें भी रखी हैं:
परिभाषित लाभ पेंशन व्यवस्था (Defined Benefit Pension) को मजबूत किया जाए।
NPS/UPS के स्थान पर गारंटीकृत पेंशन व्यवस्था पर विचार किया जाए।
वृद्ध पेंशनर्स के लिए परिवहन भत्ता जैसी सुविधा शुरू की जाए।
फैमिली पेंशन की अवधि और लाभों का विस्तार किया जाए।
रेलवे पेंशनर्स के लिए चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जाए।
बोनस और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की समीक्षा की जाए।

कर्मचारी संगठनों की अन्य मांगें भी चर्चा में

इसी बीच विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने भी 8वें वेतन आयोग के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें 50% DA/DR को मूल वेतन एवं पेंशन में मर्ज करने, 20% अंतरिम राहत (Interim Relief), 18 महीने के डीए एरियर के भुगतान, कम्यूटेशन बहाली अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 या 11 वर्ष करने और OPS बहाली जैसी मांगें प्रमुख हैं।

अभी कोई फैसला नहीं

महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सभी सुझाव और मांगें विभिन्न संगठनों द्वारा 8वें वेतन आयोग को भेजे गए ज्ञापनों का हिस्सा हैं। आयोग इन प्रस्तावों पर विचार करेगा और अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा ही लिया जाएगा।

निष्कर्ष

8वें वेतन आयोग को भेजे जा रहे ज्ञापनों से साफ है कि पेंशनर्स अब केवल पेंशन वृद्धि ही नहीं बल्कि बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, उम्र आधारित अतिरिक्त पेंशन, महंगाई से पूर्ण सुरक्षा और पुरानी विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। आने वाले महीनों में आयोग की सिफारिशों पर देश के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगियों की नजर रहेगी।

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