सीनियर सिटीजन और पेंशनर्स के लिए बड़ी पहल: सरकार लेकर आई JEEVAN App और SHATAYU Dashboard, जानिए क्या होगा फायदा

केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स की सुविधा के लिए एक अहम कदम उठाया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने ऐसे दो नए डिजिटल टूल्स की जानकारी साझा की है, जिनका उद्देश्य बुजुर्गों को समय पर सहायता, बेहतर देखभाल और जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इनमें JEEVAN App और SHATAYU Dashboard शामिल हैं। मंत्रालय का कहना है कि इन दोनों पहलों से देशभर में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, देखभाल और कल्याण व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा।

वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए नई डिजिटल पहल

मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि भारत में बुजुर्गों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उनके लिए केवल योजनाएं बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक पहुंचाना भी जरूरी है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने दो डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किए हैं, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

पहला प्लेटफॉर्म JEEVAN App है, जो एक सीनियर-फ्रेंडली मोबाइल एप्लिकेशन बताया गया है। दूसरा प्लेटफॉर्म SHATAYU Dashboard है, जो प्रशिक्षित जेरियाट्रिक केयरगिवर्स की उपलब्धता को जिला और राज्य स्तर पर मैप करने का काम करेगा।

JEEVAN App से क्या मिलेगा लाभ?

JEEVAN App को वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक डिजिटल साथी की तरह तैयार किया गया है। मंत्रालय के अनुसार यह ऐप बुजुर्गों को आपातकालीन सहायता, केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी, तथा सरकारी सहायता से चलने वाले वरिष्ठ नागरिक गृहों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगा।

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर सरल और उपयोगी बनाया गया है। बहुत से वरिष्ठ नागरिकों को समय पर सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिसके कारण वे कई सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते। JEEVAN App इस कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।

सरकार का कहना है कि यह ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है और इसका उपयोग करके बुजुर्ग जरूरत के समय सही सहायता तक पहुंच सकते हैं।

SHATAYU Dashboard क्या है?

दूसरी पहल SHATAYU Dashboard है। यह एक ऐसा डिजिटल सिस्टम है, जो देशभर में प्रशिक्षित बुजुर्ग देखभाल करने वालों की उपलब्धता को दर्शाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी जिले या राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को लोकल स्तर पर प्रशिक्षित सहायता मिल सके।

इस डैशबोर्ड के जरिए परिवार के सदस्य, वरिष्ठ नागरिक या उनकी देखभाल करने वाले लोग आवश्यक सेवा प्रदाताओं तक पहुंच बना सकेंगे। यह प्लेटफॉर्म केयर इकोनॉमी को संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

पेंशनर्स के लिए भी अहम बदलाव

पत्र में यह भी बताया गया है कि पेंशनर्स, उनकी समस्याओं और कल्याण से जुड़ा एक अलग विभागीय तंत्र पहले से काम कर रहा है। ऐसे में JEEVAN App और SHATAYU Dashboard पेंशनर्स के लिए भी काफी उपयोगी हो सकते हैं। इनके जरिए उन्हें सुविधाओं, सेवाओं और आवश्यक जानकारी तक आसान पहुंच मिल सकेगी।

सरकार का मानना है कि यदि इन प्लेटफॉर्म्स की जानकारी नीचे तक पहुंचेगी, तो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के वरिष्ठ नागरिकों को इसका फायदा मिलेगा। इसलिए मंत्रालय ने सभी संबंधित विभागों से अपील की है कि वे इन पहलों के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाएं।

क्यों जरूरी है यह कदम?

आज के समय में बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य, देखभाल और आपात सहायता सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल हैं। कई बार जानकारी के अभाव में वे योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सरकार की यह डिजिटल पहल वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

अगर इन ऐप और डैशबोर्ड का सही तरीके से इस्तेमाल हुआ, तो आने वाले समय में लाखों वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिल सकती है। यह पहल न सिर्फ सेवा व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि बुजुर्गों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस कराने में भी मदद करेगी।

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