EPFO Latest News: गलत गणना से कर्मचारी को मिला कम पैसा, आयोग ने सुनाया बड़ा फैसला
अगर आपने भी EPF या EPS से जुड़ा कोई दावा किया है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। एक मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कर्मचारी को कम राशि देने पर EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) को फटकार लगाई है। आयोग ने EPFO को न केवल बकाया राशि लौटाने, बल्कि उस पर 9% वार्षिक ब्याज, मानसिक उत्पीड़न के लिए मुआवजा और मुकदमे का खर्च भी देने का आदेश दिया है।
यह फैसला उन लाखों कर्मचारियों के लिए अहम है जो नौकरी छोड़ने के बाद Employees’ Pension Scheme (EPS) के तहत निकासी या पेंशन का दावा करते हैं।
क्या था पूरा मामला?
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के एक कर्मचारी ने अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक एक निजी स्कूल में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से क्लर्क के रूप में काम किया। इस दौरान हर महीने उसके वेतन से EPF और EPS का अंशदान काटकर EPFO में जमा किया जाता रहा।
नौकरी छोड़ने के बाद कर्मचारी ने EPS Withdrawal Benefit के लिए आवेदन किया। उसके EPFO पासबुक में लगभग ₹14,230 की राशि दिखाई दे रही थी, लेकिन बैंक खाते में केवल ₹12,750 ही भेजे गए।
गलती कहां हुई?
आयोग की सुनवाई में सामने आया कि EPFO ने कर्मचारी की सेवा अवधि के अनुसार गलत कैलकुलेशन फैक्टर का उपयोग कर लिया।
- सही फैक्टर: 0.94
- इस्तेमाल किया गया फैक्टर: 0.85
इसी गलती के कारण कर्मचारी को ₹1,350 कम भुगतान हुआ।
उपभोक्ता आयोग ने क्या आदेश दिया?
जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि EPFO की ओर से सेवा में कमी (Deficiency in Service) हुई है। इसलिए आयोग ने EPFO को निर्देश दिए कि वह—
- कर्मचारी को ₹1,350 की बकाया राशि लौटाए।
- इस राशि पर 9% वार्षिक ब्याज दे।
- ₹1,000 मानसिक उत्पीड़न के लिए मुआवजा दे।
- ₹2,500 मुकदमे का खर्च भी अदा करे।
यह फैसला 1 जुलाई 2026 को सुनाया गया।
अगर आपके साथ भी ऐसी गलती हो जाए तो क्या करें?
यदि आपको लगता है कि EPFO ने आपके EPF या EPS दावे में गलत भुगतान किया है, तो पहले अपने EPF Passbook, सेवा अवधि और भुगतान की राशि का मिलान करें।
अगर कोई अंतर दिखाई देता है, तो आप EPFO के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल (EPFiGMS) पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
शिकायत दर्ज करने के लिए आपको सामान्यतः निम्न जानकारी की आवश्यकता होती है—
- UAN या PPO नंबर
- शिकायत का विवरण
- संबंधित दस्तावेज
- मोबाइल नंबर और ईमेल
शिकायत दर्ज होने के बाद आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है, जिससे आप अपनी शिकायत की स्थिति भी देख सकते हैं।
कर्मचारियों के लिए क्या सीख?
यह मामला बताता है कि EPFO द्वारा जारी राशि को बिना जांचे स्वीकार नहीं करना चाहिए। कर्मचारी को हमेशा अपना EPF Passbook, सेवा अवधि और भुगतान की राशि का मिलान करना चाहिए। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी मिले तो समय रहते शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
निष्कर्ष
उपभोक्ता आयोग का यह फैसला कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। यदि EPFO की गणना में गलती होती है और कर्मचारी को कम भुगतान मिलता है, तो वह उचित मंच पर शिकायत कर अपना हक प्राप्त कर सकता है। हालांकि यह फैसला एक विशेष मामले से जुड़ा है और इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी EPS दावों में ऐसी गलती हुई है।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और उपभोक्ता आयोग के आदेश पर आधारित है। प्रत्येक EPS दावा कर्मचारी की सेवा अवधि, वेतन और रिकॉर्ड के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। यदि आपके मामले में कोई विवाद है, तो आधिकारिक EPFO रिकॉर्ड और संबंधित प्राधिकरण से संपर्क करें।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
माझ्या लेखांचा उद्देश लोकांना अचूक, योग्य आणि विश्वासार्ह माहिती उपलब्ध करून देणे हा आहे. मी नेहमी प्रयत्न करतो की माझ्या लेखनातील भाषा साधी-सोप्या स्वरूपाची असावी, माहिती उपयोगी असावी आणि वाचकांना कोणत्याही विषयाचे आकलन करण्यात अडचण येऊ नये.
