8वां वेतन आयोग: पेंशन, इंक्रीमेंट, HRA और छुट्टियों में बड़े बदलाव की मांग, जानिए NC-JCM की पूरी मांगों की सूची

देश के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनर्स की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हुई है। आयोग अभी विभिन्न कर्मचारी संगठनों, मंत्रालयों और राज्यों से सुझाव एकत्र कर रहा है। इसी बीच नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने केंद्र सरकार को 51 पन्नों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें वेतन, पेंशन, भत्तों, छुट्टियों और अन्य सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी मांगें कर्मचारी संगठन द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव हैं। इन्हें अभी सरकार या 8वें वेतन आयोग ने मंजूरी नहीं दी है। अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद ही होगा।

8वें वेतन आयोग का काम कहां तक पहुंचा?

8वें वेतन आयोग का गठन केंद्र सरकार द्वारा किया जा चुका है और आयोग फिलहाल विभिन्न पक्षों से सुझाव प्राप्त कर रहा है। कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेने की प्रक्रिया जारी है। आयोग इन सुझावों का अध्ययन करने के बाद अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आयोग की अंतिम रिपोर्ट 2027 के दौरान आने की संभावना है। इसके बाद सरकार इन सिफारिशों पर फैसला लेगी।

NC-JCM की प्रमुख मांगें

कर्मचारी संगठन ने कई बड़े बदलावों की मांग की है। इनमें सबसे प्रमुख मांगें निम्न हैं—

विषयवर्तमान व्यवस्थाNC-JCM की मांग
न्यूनतम बेसिक वेतन₹18,000₹69,000
फिटमेंट फैक्टर2.573.833
वार्षिक इंक्रीमेंट3%6%
X श्रेणी शहरों में HRA27%40%
Y श्रेणी शहरों में HRA18%35%
Z श्रेणी शहरों में HRA9%30%
रिटायरमेंट पर पेंशनअंतिम वेतन का 50%अंतिम वेतन का 70%
90 वर्ष की आयु पर पेंशनअतिरिक्त लाभअंतिम वेतन का 100%
MACP वित्तीय उन्नयन35
कम्यूटेड पेंशन बहाली15 वर्ष11 वर्ष
पेंशन संशोधननए वेतन आयोग परहर 5 वर्ष में

कर्मचारियों के लिए किन नए भत्तों की मांग की गई?

NC-JCM ने कई नए भत्तों और सुविधाओं का भी प्रस्ताव दिया है। इनमें शामिल हैं—

  • वार्षिक वेतन वृद्धि 6 प्रतिशत की जाए।
  • जोखिम एवं कठिनाई भत्ता ₹10,000 प्रतिमाह दिया जाए।
  • ट्रांसपोर्ट अलाउंस को तीन गुना किया जाए।
  • बच्चों की शिक्षा भत्ता (CEA) ₹10,000 प्रति बच्चा किया जाए।
  • CEA का लाभ पोस्ट ग्रेजुएशन तक मिले।
  • सभी कर्मचारियों को हवाई यात्रा (Flight Entitlement) की सुविधा मिले।
  • टेक्नोलॉजी अलाउंस शुरू किया जाए।
  • CGEGIS समूह बीमा की राशि बढ़ाई जाए।
  • ₹2 करोड़ तक ब्याज मुक्त हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) उपलब्ध कराया जाए।

छुट्टियों को लेकर भी रखी गई बड़ी मांग

कर्मचारी संगठन ने छुट्टियों के नियमों में भी बदलाव का सुझाव दिया है।

मुख्य मांगें इस प्रकार हैं—

  • मातृत्व अवकाश 180 दिन से बढ़ाकर 240 दिन किया जाए।
  • महिलाओं को हर महीने 3 दिन मासिक धर्म अवकाश (Menstrual Leave) दिया जाए।
  • माता-पिता की देखभाल के लिए Parents Care Leave शुरू की जाए।

यदि इन मांगों पर सहमति बनती है तो सरकारी कर्मचारियों को पहले की तुलना में अधिक सामाजिक सुरक्षा मिल सकती है।

पेंशनर्स के लिए क्या मांगें रखी गई हैं?

पेंशनर्स के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए गए हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • रिटायरमेंट पर पेंशन अंतिम वेतन का 70 प्रतिशत हो।
  • 90 वर्ष की आयु पर अंतिम वेतन के बराबर पेंशन मिले।
  • कम्यूटेड पेंशन की बहाली 15 वर्ष के बजाय 11 वर्ष में हो।
  • हर 5 वर्ष में पेंशन का पुनरीक्षण किया जाए।
  • पेंशनर्स को HRA का लाभ मिले।
  • पेंशनर्स को LTC सुविधा दी जाए।
  • पूरे देश में प्रत्येक जिले में CGHS केंद्र स्थापित किए जाएं।
  • सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए कैशलेस CGHS चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।

OPS को लेकर भी दोहराई गई मांग

NC-JCM ने एक बार फिर नई पेंशन योजना (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की जगह पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग दोहराई है। हालांकि सरकार की ओर से इस विषय पर अभी कोई नई घोषणा नहीं की गई है।

क्या ये सभी मांगें लागू हो जाएंगी?

फिलहाल इसका उत्तर नहीं है।

ये केवल कर्मचारी संगठन द्वारा दिए गए सुझाव हैं। 8वां वेतन आयोग इन सभी प्रस्तावों का अध्ययन करेगा। इसके बाद आयोग अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को देगा और अंतिम फैसला सरकार ही करेगी।

इसलिए कर्मचारियों और पेंशनर्स को अभी किसी भी प्रस्ताव को अंतिम निर्णय मानने से बचना चाहिए।

8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब आ सकती है?

मौजूदा समय में आयोग विभिन्न पक्षों से सुझाव एकत्र कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट 2027 के दौरान सरकार को सौंप सकता है। इसके बाद सरकार सिफारिशों पर विचार करेगी और मंजूरी मिलने के बाद ही नए वेतन, पेंशन और भत्तों से जुड़े नियम लागू होंगे।

निष्कर्ष

8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। NC-JCM ने वेतन, पेंशन, HRA, इंक्रीमेंट, छुट्टियों और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। हालांकि फिलहाल ये केवल सुझाव हैं और इन पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। इसलिए कर्मचारियों और पेंशनर्स को आयोग की आधिकारिक सिफारिशों और सरकार की घोषणा का इंतजार करना होगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और कर्मचारी संगठन NC-JCM द्वारा प्रस्तुत मांगों पर आधारित है। यह सरकार का अंतिम निर्णय नहीं है। 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक सिफारिशें और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही किसी भी बदलाव को लागू माना जाएगा।

Leave a Comment