Pensioners News: पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों ने उठाई बड़ी मांगें, पेंशन मानकीकरण अधिनियम में बदलाव की मांग

Pensioners News 2026: देशभर में पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे एक बार फिर सामने आए हैं। उत्तराखंड के हल्द्वानी में पेंशनभोगियों एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक सुमित हृदयेश से मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने पेंशन मानकीकरण अधिनियम-2025 के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए इन्हें वापस लेने या पेंशनभोगियों के हित में आवश्यक संशोधन करने की मांग की।

इन मांगों में समान सेवा के लिए समान पेंशन, पारिवारिक पेंशन में सुधार, आश्रित माता-पिता को शामिल करना, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त पेंशन, अलग महंगाई राहत सूचकांक, कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि घटाना और बेहतर कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं जैसी कई महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं।

पेंशन मानकीकरण अधिनियम में बदलाव की मांग

पेंशनभोगियों के प्रतिनिधिमंडल ने मानकीकरण अधिनियम-2025 के कुछ प्रावधानों को लेकर अपनी असहमति जताई। उनका कहना है कि पेंशन व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें समान सेवा देने वाले पेंशनभोगियों के बीच किसी तरह की असमानता न हो।

प्रतिनिधिमंडल ने समान पेंशन के सिद्धांत को मजबूत करने की मांग की। पेंशनर्स का मानना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनकी सेवा और योगदान के अनुरूप समान एवं न्यायसंगत पेंशन व्यवस्था मिलनी चाहिए।

यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में पेंशनभोगी संगठन पेंशन से जुड़े नियमों में सुधार और पेंशन व्यवस्था में समानता की मांग कर रहे हैं।

पत्नी और आश्रित माता-पिता को लेकर भी मांग

प्रतिनिधिमंडल ने पारिवारिक पेंशन व्यवस्था में भी बदलाव की मांग रखी है। इसमें पत्नी को पुरुष सदस्य के समान 1.0 इकाई देने की मांग शामिल है।

इसके अलावा आश्रित माता-पिता को भी पेंशन व्यवस्था में शामिल करने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने कुल इकाइयों की सीमा बढ़ाने की बात भी रखी।

पेंशनर्स का कहना है कि परिवार की आर्थिक जरूरतों और बढ़ते खर्च को देखते हुए पेंशन से जुड़े प्रावधानों को मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार अधिक व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए।

65 साल की उम्र के बाद अतिरिक्त पेंशन की मांग

वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य और दवाइयों पर खर्च भी बढ़ता जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन देने की मांग की है।

प्रस्ताव के अनुसार:

  • 65 वर्ष की आयु पर 5% अतिरिक्त पेंशन
  • 70 वर्ष की आयु पर 10% अतिरिक्त पेंशन
  • 75 वर्ष की आयु पर 15% अतिरिक्त पेंशन

देने की मांग रखी गई है।

इस मांग के पीछे तर्क यह है कि उम्र बढ़ने के साथ वरिष्ठ नागरिकों की नियमित चिकित्सा जरूरतें और स्वास्थ्य संबंधी खर्च बढ़ जाते हैं। अतिरिक्त पेंशन से उन्हें आर्थिक रूप से कुछ राहत मिल सकती है।

महंगाई राहत के लिए अलग सूचकांक की मांग

पेंशनभोगियों ने अलग महंगाई राहत सूचकांक (DR Index) निर्धारित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों के खर्च का स्वरूप आम कर्मचारियों से अलग हो सकता है, खासकर स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों और इलाज पर होने वाला खर्च।

ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महंगाई राहत की गणना के लिए अलग व्यवस्था पर विचार करने की मांग की गई है।

हालांकि, इस तरह का कोई नया सूचकांक अभी लागू नहीं हुआ है। यह पेंशनभोगी संगठनों द्वारा रखी गई मांग है।

15 साल की जगह 11 साल में कम्यूटेड पेंशन बहाली

पेंशनभोगियों की सबसे महत्वपूर्ण मांगों में से एक कम्यूटेड पेंशन की वसूली अवधि से संबंधित है।

मौजूदा व्यवस्था में कम्यूटेड पेंशन की कटौती की गई राशि को सामान्य पेंशन में वापस बहाल होने में 15 साल की अवधि लागू होती है। प्रतिनिधिमंडल ने इस अवधि को घटाकर 11 साल करने की मांग की है।

यदि भविष्य में सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो कम्यूटेशन कराने वाले पेंशनर्स को निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पहले की तुलना में जल्दी पूरी पेंशन मिलने का रास्ता खुल सकता है।

हालांकि, फिलहाल 15 साल की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए 11 साल में पेंशन बहाली को अभी सरकारी फैसला नहीं, बल्कि पेंशनर्स की मांग के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा में समानता की मांग

पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों ने स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने समान कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही।

इसके साथ ही ओपीडी और आईपीडी सेवाओं में समानता तथा अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता देने की मांग भी रखी गई है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ अस्पताल और चिकित्सा सेवाओं की जरूरत बढ़ जाती है।

केंद्र सरकार ने भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण बताया है। सरकार के अनुसार भारत में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने का अनुमान है।

विधायक ने दिया मांगों को विधानसभा में उठाने का आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को विधायक सुमित हृदयेश के सामने विस्तार से रखा। विधायक ने आश्वासन दिया कि पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा

इससे पेंशनर्स को उम्मीद है कि उनकी मांगें राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बनेंगी और सरकार तक भी प्रभावी तरीके से पहुंचेंगी।

8वें वेतन आयोग से भी जुड़ा है पेंशनर्स का मुद्दा

पेंशनभोगियों की मांगों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इस समय 8वां केंद्रीय वेतन आयोग भी काम कर रहा है। केंद्रीय पेंशनर संगठनों ने आयोग के समक्ष पेंशन संशोधन, पारिवारिक पेंशन और पुराने पेंशनर्स को समान लाभ देने जैसे मुद्दे उठाए हैं।

हाल की रिपोर्टों के अनुसार, भारत पेंशनर्स समाज और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन ने 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference में मौजूदा पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए पेंशन संशोधन को स्पष्ट रूप से शामिल करने की मांग की है।

इससे साफ है कि पेंशनर्स के लिए केवल मौजूदा पेंशन नियम ही नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में पेंशन संशोधन और समानता भी बड़ा मुद्दा बनी हुई है।

क्या अभी मांगें लागू हो गई हैं?

यहां पेंशनर्स के लिए एक जरूरी बात समझना महत्वपूर्ण है। इनमें से किसी भी मांग को अभी लागू नियम या सरकारी आदेश नहीं माना जा सकता।

हल्द्वानी में प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगें विधायक के सामने रखी हैं और उन्हें विधानसभा में उठाने का आश्वासन मिला है। इसी तरह 11 साल में कम्यूटेड पेंशन बहाली, अलग DR इंडेक्स और 65 वर्ष के बाद अतिरिक्त पेंशन जैसी बातें फिलहाल मांगों के स्तर पर हैं।

इसलिए पेंशनभोगियों को किसी भी बदलाव को लागू मानने से पहले केंद्र या संबंधित राज्य सरकार की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए।

पेंशनर्स के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण रहेगा?

आने वाले समय में पेंशनभोगियों की नजर तीन प्रमुख मुद्दों पर रहेगी—पेंशन में संशोधन, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और पेंशन नियमों में समानता

8वें वेतन आयोग के स्तर पर भी पेंशन संशोधन और पुराने पेंशनर्स को लाभ देने की मांग लगातार सामने आ रही है। दूसरी ओर, वरिष्ठ नागरिक संगठनों की ओर से अतिरिक्त पेंशन और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग की जा रही है।

यदि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो लाखों पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी राहत मिल सकती है। फिलहाल इन मांगों पर आगे होने वाली चर्चा और सरकार के आधिकारिक फैसले का इंतजार करना होगा।

निष्कर्ष

Pensioners News 2026 में पेंशन मानकीकरण अधिनियम-2025 में बदलाव, समान पेंशन, अतिरिक्त पेंशन, अलग महंगाई राहत सूचकांक, 11 साल में कम्यूटेड पेंशन बहाली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग महत्वपूर्ण मुद्दे बनकर सामने आए हैं।

हल्द्वानी में पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने इन मांगों को विधायक के सामने रखा है और उन्हें आगामी विधानसभा सत्र में उठाने का आश्वासन मिला है।

हालांकि, अभी इन मांगों पर कोई अंतिम सरकारी निर्णय नहीं हुआ है। इसलिए पेंशनर्स को आधिकारिक आदेश जारी होने तक धैर्य रखना चाहिए और सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों से बचना चाहिए।

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