पुरानी पेंशन बहाली: शिक्षकों ने डिप्टी सीएम से की मुलाकात, 36-37 हजार शिक्षकों को OPS मिलने की उम्मीद

Old Pension Scheme News: उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पुरानी पेंशन की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की है। शिक्षकों ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित इस मामले में जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि संबंधित शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सदन में इस मुद्दे पर घोषणा किए जाने के बावजूद 2004-05 बैच के लगभग 36 से 37 हजार बेसिक शिक्षकों को अभी तक पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि इस मामले का समाधान करते हुए उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।

डिप्टी सीएम से मिले शिक्षक प्रतिनिधि

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल रविवार को प्रयागराज स्थित सर्किट हाउस में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की पेंशन से जुड़े मुद्दे को उनके सामने रखा और सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।

शिक्षकों का कहना है कि उनके लिए यह केवल पेंशन का विषय नहीं बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद परिवार की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसी वजह से संगठन लगातार सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी मांग रख रहा है।

2004-05 बैच के शिक्षकों की क्या है मांग?

एसोसिएशन के मुताबिक 2004-05 बैच के लगभग 36-37 हजार बेसिक शिक्षक पुरानी पेंशन योजना के लाभ की मांग कर रहे हैं। इन शिक्षकों का तर्क है कि यदि सरकार की ओर से पहले ही इस संबंध में घोषणा की जा चुकी है तो अब इसके क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाया जाना चाहिए।

शिक्षकों ने सरकार से आग्रह किया है कि उनकी सेवा अवधि, नियुक्ति और संबंधित नियमों को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने पर निर्णय लिया जाए।

क्यों महत्वपूर्ण है पुरानी पेंशन का मुद्दा?

सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच पुरानी पेंशन योजना लंबे समय से एक प्रमुख मांग रही है। इसका सबसे बड़ा कारण सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा है।

पुरानी पेंशन व्यवस्था में कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार पेंशन मिलने की व्यवस्था होती है। दूसरी ओर नई पेंशन व्यवस्था में पेंशन का स्वरूप योगदान और निवेश से जुड़े कारकों पर निर्भर करता है। इसी वजह से बड़ी संख्या में कर्मचारी संगठन पुरानी व्यवस्था की वापसी की मांग करते रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग कर्मचारी और शिक्षक संगठन समय-समय पर OPS बहाली की मांग उठाते रहे हैं। हाल के महीनों में इस मुद्दे को लेकर शिक्षकों की गतिविधियां फिर तेज हुई हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बढ़ी उम्मीद

इस मामले में शिक्षकों की उम्मीद इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि जुलाई 2026 में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पुरानी पेंशन की मांग रखी थी। उस समय संगठन ने 28 मार्च 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्त लगभग 50 हजार शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की थी।

रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस मामले को सरकार और शासन के संज्ञान में बताते हुए कहा था कि 1 अप्रैल 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने के संबंध में गंभीरता से विचार किया जा रहा है और इस विषय पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।

अब सितंबर में शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री से मिला है। इससे यह संकेत मिलता है कि संगठन इस मुद्दे पर लगातार सरकार के स्तर पर अपनी बात रखने का प्रयास कर रहा है।

शिक्षकों ने क्या अपील की?

शिक्षक प्रतिनिधियों ने सरकार से आग्रह किया कि 2004-05 बैच से जुड़े शिक्षकों के मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए। उनका कहना है कि लंबे समय से इस विषय में निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है।

शिक्षकों ने यह भी अपील की कि सरकार उनके बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन का लाभ देने की दिशा में ठोस फैसला करे।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल इस मुलाकात के बाद पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कोई अंतिम सरकारी आदेश सामने नहीं आया है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी संबंधित शिक्षकों को तत्काल OPS का लाभ मिल गया है।

हालांकि, प्रतिनिधिमंडल की उपमुख्यमंत्री से मुलाकात और इससे पहले मुख्यमंत्री स्तर पर हुई चर्चा के कारण शिक्षकों में उम्मीद जरूर बढ़ी है। अब शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों की नजर सरकार के अगले निर्णय पर रहेगी।

यदि सरकार इस मामले में कोई शासनादेश या आधिकारिक आदेश जारी करती है तो उससे संबंधित शिक्षकों की पेंशन व्यवस्था पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है।

पुरानी पेंशन पर देशभर में जारी है बहस

पुरानी पेंशन योजना केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित मुद्दा नहीं है। देश के अलग-अलग राज्यों में कर्मचारी और शिक्षक संगठन OPS की बहाली की मांग करते रहे हैं। कहीं आंदोलन, कहीं ज्ञापन और कहीं सरकार के साथ बातचीत के माध्यम से कर्मचारी अपनी मांग उठा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में भी पिछले कुछ समय से शिक्षक और कर्मचारी संगठनों की ओर से पुरानी पेंशन बहाली को लेकर गतिविधियां देखने को मिली हैं। अगस्त 2026 में भी राज्य कर्मचारी संगठनों ने OPS बहाली की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी।

ऐसे में विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की ताजा मुलाकात को भी इसी व्यापक मांग के संदर्भ में देखा जा सकता है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश के 2004-05 बैच से जुड़े शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन का मुद्दा अभी भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर करीब 36-37 हजार बेसिक शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन बहाली की मांग दोहराई है।

शिक्षकों का कहना है कि सरकार की ओर से पहले दिए गए आश्वासन के बाद अब इस मामले में ठोस निर्णय होना चाहिए। फिलहाल अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर होना बाकी है। इसलिए संबंधित शिक्षकों को आधिकारिक शासनादेश या सरकारी आदेश का इंतजार करना होगा।

Leave a Comment