देशभर के EPS-95 (Employees’ Pension Scheme-1995) पेंशनर्स ने एक बार फिर अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की है। EPS-95 नेशनल एजीटेशन कमेटी (NAC) ने 5 अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन की मुख्य मांग है कि न्यूनतम मासिक पेंशन ₹7,500 की जाए, इसके साथ महंगाई भत्ता (DA) दिया जाए और सभी पेंशनर्स एवं उनके जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
पेंशनर्स का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाली न्यूनतम ₹1,000 मासिक पेंशन आज के समय में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त नहीं है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच इतनी कम राशि में दवाइयों, इलाज और दैनिक जरूरतों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। इसी कारण संगठन ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
क्या हैं पेंशनर्स की प्रमुख मांगें?
EPS-95 नेशनल एजीटेशन कमेटी ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मांग न्यूनतम मासिक पेंशन को ₹7,500 तक बढ़ाने की है। इसके अलावा पेंशन पर महंगाई भत्ता (DA) लागू करने की भी मांग की गई है ताकि बढ़ती महंगाई का असर कम किया जा सके।
संगठन ने यह भी मांग की है कि सभी EPS-95 पेंशनर्स और उनके पति या पत्नी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप हायर पेंशन (Higher Pension) का लाभ भी दिया जाए।
क्यों कर रहे हैं आंदोलन?
पेंशनर्स का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन के कई वर्ष उद्योगों और संस्थानों में काम करते हुए देश के विकास में योगदान दिया है। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन इतनी कम है कि उससे घर का खर्च चलाना भी कठिन हो गया है।
उनका कहना है कि वर्षों से सरकार के सामने ज्ञापन दिए गए, कई बार बातचीत हुई, लेकिन अब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से संगठन ने देशभर में प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।
5 अगस्त को देशभर में प्रदर्शन
EPS-95 नेशनल एजीटेशन कमेटी के अनुसार 5 अगस्त को देश के विभिन्न राज्यों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान पेंशनर्स अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
संगठन का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाती है तो लाखों पेंशनर्स को राहत मिल सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से इन मांगों को स्वीकार किए जाने संबंधी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
वर्तमान में कितनी मिलती है न्यूनतम पेंशन?
वर्तमान में EPS-95 योजना के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन ₹1,000 है। पेंशनर्स का कहना है कि यह राशि कई वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है, जबकि इस दौरान महंगाई में लगातार वृद्धि हुई है।
इसी कारण संगठन का मानना है कि न्यूनतम पेंशन बढ़ाना समय की जरूरत बन चुका है।
हायर पेंशन का मुद्दा भी अहम
संगठन ने अपनी मांगों में हायर पेंशन का मुद्दा भी शामिल किया है। उनका कहना है कि जिन कर्मचारियों को नियमों और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार हायर पेंशन का लाभ मिलना चाहिए, उन्हें बिना अनावश्यक देरी के इसका लाभ दिया जाना चाहिए।
यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है और कई कर्मचारी इसके समाधान का इंतजार कर रहे हैं।
सरकार का क्या है रुख?
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से ₹7,500 न्यूनतम पेंशन, DA या मुफ्त चिकित्सा सुविधा को लेकर कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि इन मांगों को मंजूरी मिल गई है।
सरकार के किसी भी निर्णय की जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
लाखों पेंशनर्स की नजर सरकार पर
EPS-95 योजना से जुड़े लाखों पेंशनर्स अब सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उन्हें बेहतर जीवन जीने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
EPS-95 पेंशनर्स द्वारा उठाई गई मांगें एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई हैं। ₹7,500 न्यूनतम मासिक पेंशन, महंगाई भत्ता (DA) और मुफ्त चिकित्सा सुविधा की मांग को लेकर 5 अगस्त को देशभर में प्रदर्शन आयोजित किया गया है। हालांकि फिलहाल सरकार की ओर से इन मांगों पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है। ऐसे में पेंशनर्स और कर्मचारियों को आगे की जानकारी के लिए केवल सरकार और EPFO की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना होगा।

माझं नाव एन. डी. यादव आहे. मला लेखन क्षेत्रात ६ वर्षांचा अनुभव आहे. माझ्या लेखन प्रवासात मी सरकारी धोरणे, कर्मचारी व निवृत्तीवेतनधारकांचे हक्क, पेन्शन योजना तसेच जनकल्याणकारी योजना याबाबतची माहिती तुम्हांपर्यंत सोप्या आणि स्पष्ट भाषेत पोहोचवण्याचे कार्य केले आहे.
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